देश भर में मानसूनी बारिश का कहर जारी है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से लेकर पूर्वोत्तर और ओडिशा तक मूसलाधार बारिश, बादल फटने और बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ओडिशा में महानदी पर बना ऐतिहासिक हीराकुंड बांध (Hirakud Dam) लबालब भर गया है, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से बांध के कई स्लूज गेट खोलने पड़े हैं। निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। दूसरी ओर, असम में बाढ़ की स्थिति अत्यंत विकराल हो गई है, जहां लाखों लोग बेघर हो गए हैं और जन-धन की भारी हानि हुई है।
असम में बाढ़ से जलप्रलय, 21 और मौतें
असम में मानसूनी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और राज्य के एक बड़े हिस्से में जलप्रलय जैसे हालात बने हुए हैं।
- जनहानि और प्रभाव: ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बाढ़ जनित हादसों में 21 और लोगों की मौत हो गई है। राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हैं।
- प्रभावित जिले: बाढ़ का सबसे भयानक असर शिवसागर जिले में देखने को मिला है, जहां अकेले 3.59 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। इसके अलावा जोरहाट (87,662 लोग), चराईदेव (72,646 लोग), डिब्रूगढ़ (18,615 लोग) और गोलाघाट समेत अन्य जिले जलमग्न हैं।
- कृषि और बुनियादी ढांचे को नुकसान: 44 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले लगभग 872 गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। इसके अलावा 24,210 हेक्टेयर से अधिक की खड़ी फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
- राहत और बचाव कार्य: प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 273 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां 1.14 लाख से अधिक लोगों ने शरण ली है। दुर्गम और कटे हुए इलाकों में वायुसेना और राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) द्वारा हेलीकॉप्टरों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
ओडिशा और उत्तर भारत में भी बिगड़े हालात
ओडिशा में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हीराकुंड जलप्रपात और जलाशय में पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। महानदी के तटीय जिलों जैसे कटक, पुरी और केंद्रपाड़ा में जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
वहीं, उत्तर भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन (Landslides) के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।


