मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और एक बुजुर्ग महिला से जुड़े संदर्भ को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बचाव में उतर आए और भाजपा पर लोकतांत्रिक माहौल को लेकर सवाल उठाए।
मंच पर कॉमेडियन की मिमिक्री से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि की प्रस्तुति के बाद हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और उनके विदेशी नेताओं के साथ संवाद के अंदाज की नकल की। प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री की दिवंगत मां और एक बुजुर्ग महिला से जुड़ा संदर्भ भी आया। राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे और प्रस्तुति के दौरान हंसते हुए दिखाई दिए।
भाजपा नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की मां और बुजुर्ग महिला से जुड़े संदर्भ को राजनीतिक मंच पर मजाक का विषय बनाया गया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा नेता सीआर केसवन समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी की मौजूदगी पर सवाल उठाए।
जयराम रमेश बोले- छात्रों की आवाज दबाने वाला सिस्टम
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर भाजपा-आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा, अर्थव्यवस्था, राजनीति और संस्थाओं पर भाजपा-आरएसएस का प्रभाव है और छात्रों के सवालों से यह व्यवस्था डरती है। रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज को सामने ला रहे हैं।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी मिमिक्री विवाद को राजनीति का हिस्सा बताते हुए भाजपा के रुख पर सवाल उठाया। वहीं प्रमोद तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने रखा है। इन नेताओं के बयानों से साफ है कि कांग्रेस ने इस विवाद को राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा के राजनीतिक हमले के रूप में पेश किया है।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में किन मुद्दों पर बात की?
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘सिस्टम बनाम छात्र’ था। राहुल गांधी ने छात्रों के सामने शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, भर्ती में देरी, संस्थागत समस्याओं और शिक्षा के बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय ‘अंधभक्तों’ को पसंद करती है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि देश की राजनीति, कारोबार, न्यायपालिका, नौकरशाही, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों पर एक खास व्यवस्था का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने शिक्षा बजट और छात्रवृत्तियों से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन दावों पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी से तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करने को कहा।
कार्यक्रम को लेकर एक और विवाद
मिमिक्री विवाद के अलावा भाजपा ने कार्यक्रम में मंच पर बुलाए गए कुछ लोगों की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठाए हैं। भाजपा का दावा है कि कुछ ऐसे लोग भी कार्यक्रम में छात्रों के रूप में मंच पर आए, जिनका कांग्रेस या उससे जुड़े संगठनों से संबंध रहा है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर इस रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं है।
फिलहाल ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शिक्षा और छात्र मुद्दों से आगे बढ़कर भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गया है। मिमिक्री को लेकर दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच कार्यक्रम में उठाए गए शिक्षा और रोजगार के मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं।


