एशियाड 2026: 0.6 अंक से चूका गोल्ड, आखिरी दो शॉट में बदला मुकाबला, हिनाता ने 253.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता
एशियन गेम्स 2026 के पहले दिन भारतीय निशानेबाज इलावेनिल वलारिवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। गोल्ड के बेहद करीब पहुंचीं इलावेनिल को जापान की ताइची हिनाता ने सिर्फ 0.6 अंक से पीछे छोड़ दिया। भारतीय निशानेबाज ने फाइनल में 252.4 अंक बनाए, जबकि हिनाता ने 253.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। दक्षिण कोरिया की बान ह्यो-जिन ने 230.4 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
इलावेनिल फाइनल में शुरुआत से ही गोल्ड की दौड़ में बनी हुई थीं। क्वालिफिकेशन में वह 633.5 अंक के साथ सातवें स्थान पर थीं, जबकि उनकी भारतीय साथी सोनम उत्तम मस्कर तीसरे स्थान पर रही थीं। लेकिन फाइनल में इलावेनिल ने शानदार वापसी करते हुए शुरुआती पांच शॉट में 53.1 अंक हासिल किए और 10 शॉट के बाद 106.0 अंक के साथ बढ़त बना ली।
अंतिम दौर में मुकाबला इलावेनिल और जापान की हिनाता के बीच सिमट गया। आखिरी दो शॉट से पहले भारतीय निशानेबाज महज 0.3 अंक पीछे थीं। इलावेनिल ने अगले शॉट में 10.4 अंक बनाए, लेकिन हिनाता ने 10.6 का निशाना लगाकर बढ़त बढ़ा दी। अंतिम शॉट में इलावेनिल ने 10.1 अंक बनाए, जबकि हिनाता ने 10.2 अंक हासिल कर 253.0 का एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड अपने नाम कर लिया।
एक ही दिन दो रजत पदक
इलावेनिल के लिए यह एशियाड बेहद खास रहा है। व्यक्तिगत स्पर्धा से पहले वह महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीत चुकी थीं। उन्होंने सोनम मस्कर और विदार्सा विनोद के साथ मिलकर भारत को 1898.0 अंकों के साथ दूसरा स्थान दिलाया। चीन ने 1904.2 अंक के साथ स्वर्ण जीता, जबकि जापान 1897.1 अंक के साथ कांस्य पदक पर रहा।
इस तरह इलावेनिल ने एक ही दिन में दो रजत पदक जीतकर भारतीय शूटिंग अभियान में अहम भूमिका निभाई है। व्यक्तिगत फाइनल में भारत की सोनम मस्कर भी शामिल थीं और वह छठे स्थान पर रहीं।
कौन हैं इलावेनिल वलारिवान?
27 वर्षीय इलावेनिल वलारिवान भारत की प्रमुख 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजों में शामिल हैं। उनका शूटिंग करियर संयोग से शुरू हुआ था। 12 साल की उम्र में वह अपने पिता के साथ शूटिंग रेंज गई थीं, जहां उन्होंने पहली बार राइफल चलाने की कोशिश की। इसके बाद इस खेल में उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई और करीब 15 साल की उम्र में उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाने का फैसला किया।
2018 में उन्होंने जूनियर स्तर पर अपनी पहचान बनाई। सिडनी में ISSF जूनियर विश्व कप में उन्होंने क्वालिफिकेशन में जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाया और 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता। बाद में जूनियर विश्व प्रतियोगिताओं और विश्व कप में भी उन्होंने कई पदक हासिल किए।
दो ओलंपिक में भी कर चुकी हैं भारत का प्रतिनिधित्व
इलावेनिल टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। पेरिस ओलंपिक में उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में 10वां स्थान हासिल किया था। 2022 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार भी मिला।
एशियन गेम्स 2026 में उनके दो रजत पदक उनकी अंतरराष्ट्रीय निरंतरता को दिखाते हैं। खास बात यह है कि उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। 22 सितंबर को वह पार्थ माने के साथ 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में भी उतरेंगी। ऐसे में उनके पास इस एशियाड में पदकों की संख्या बढ़ाने का एक और मौका होगा।


