रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया। रूस के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने रातभर रूस के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने करीब 1,100 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, जबकि मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि शनिवार से अब तक 1,600 से अधिक ड्रोन को अलग-अलग रक्षा पंक्तियों में नष्ट किया गया। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे।
मॉस्को पर सबसे बड़ा हमला
सोबयानिन ने इसे रूसी राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया। उनके मुताबिक, अधिकांश ड्रोन को राजधानी तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया, लेकिन कुछ ड्रोन मॉस्को ऑयल रिफाइनरी के परिसर तक पहुंचने में सफल रहे। रिफाइनरी के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा और वहां आग लगने की सूचना मिली। यह संयंत्र पहले भी यूक्रेनी हमलों का निशाना बन चुका है।
हमले के दौरान एक ड्रोन के आवासीय इमारत से टकराने की भी जानकारी सामने आई है। मॉस्को क्षेत्र के रामेंस्कोये जिले में 21 मंजिला इमारत की छत पर आग लग गई, जिसके बाद करीब 400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें 70 बच्चे भी शामिल थे। कई वाहनों और अन्य आवासीय इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
दो लोगों की मौत, कई घायल
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, हमलों में दो लोगों की मौत हुई है। अलग-अलग इलाकों में कई लोग घायल भी हुए। कुछ रिपोर्टों में घायलों की संख्या करीब 20 बताई गई है। हालांकि, शुरुआती सरकारी बयानों में आंकड़े अलग-अलग रहे हैं और युद्ध क्षेत्र से आने वाली सूचनाओं का स्वतंत्र सत्यापन मुश्किल है।
तेल रिफाइनरी बनी अहम निशाना
यूक्रेन लंबे समय से रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है। मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर हुए ताजा हमले को इसी अभियान की कड़ी माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, संयंत्र ने 2024 में करीब 1.16 करोड़ मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया था। इसकी क्षमता पर असर पड़ने से रूस के ईंधन आपूर्ति तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है।
रूसी चुनाव के आखिरी दिन हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में तीन दिवसीय संसदीय चुनाव का आखिरी दिन था। मॉस्को के मेयर ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना था, हालांकि इस दावे के समर्थन में स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। रूसी अधिकारियों ने कहा कि हमले के बावजूद मतदान जारी रहा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि लंबी दूरी के हमलों का मॉस्को क्षेत्र में महत्वपूर्ण असर हुआ। उन्होंने तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही। यूक्रेन ने हमले में ड्रोन के साथ घरेलू रूप से विकसित मिसाइलों के इस्तेमाल का भी दावा किया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के ऊर्जा और सैन्य ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ताजा हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने को लेकर संभावित समझौते की चर्चा भी सामने आई थी।


