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    PM आवास पर धावा: राहुल-प्रियंका गिरफ्तार, सरकार भी बातचीत करने को तैयार

    हिरासत से रिहाई के बाद बोले राहुल Gandhi — ‘विपक्ष संसद में चाहता है युवाओं और NEET के मुद्दों पर चर्चा’

    संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद, शिक्षा प्रणाली में धांधली और दिल्ली में छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) की ओर एक पैदल मार्च और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

    इस दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कई शीर्ष कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। कई घंटों तक हिरासत में रखे जाने के बाद जब राहुल गांधी को रिहा किया गया, तो उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला।

    ‘हम सिर्फ संसद में चर्चा और जवाबदेही चाहते हैं’

    पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का मकसद किसी तरह का हंगामा खड़ा करना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के हक की बात उठाना है।

    राहुल गांधी का मुख्य वक्तव्य:

    “संसद देश की जनता और युवाओं की आवाज उठाने की जगह है। अगर संसद में देश के छात्रों के भविष्य, पेपर लीक और उन पर हुए लाठीचार्ज जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकती, तो फिर संसद किसलिए है? हम केवल यह चाहते हैं कि सरकार नीट और शिक्षा व्यवस्था की धांधली पर संसद में खुली चर्चा करे और अपनी जवाबदेही तय करे।”

    राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के युवाओं और छात्रों पर पुलिसिया बल प्रयोग बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

    कांग्रेस और विपक्ष की प्रमुख मांगें

    मंगलवार को राहुल गांधी ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की और सदन में चर्चा कराने का औपचारिक अनुरोध किया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

    1. संसद में तुरंत विशेष चर्चा: नीट-यूजी पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की कमियों और शिक्षा सुधारों पर संसद में विस्तृत बहस कराई जाए।
    2. केंद्रीय मंत्रियों का इस्तीफा: शिक्षा प्रणाली में अव्यवस्था और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा गया है।
    3. गृह मंत्री का बयान: दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर सरकार और गृह मंत्री संसद में अपना आधिकारिक बयान दें।
    4. प्रधानमंत्री की माफी: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं से माफी मांगें।

    सड़क से संसद तक जोरदार हंगामा

    संसद परिसर के भीतर भी लगातार दूसरे दिन विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सांसद बैनर और तख्तियां लेकर सदन के वेल (Well) में आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी की।

    इसके बाद, कांग्रेस नेताओं ने सड़क पर उतरकर पीएम आवास की ओर रुख किया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया और बाद में हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम व विभिन्न पुलिस स्टेशनों भेज दिया। रिहाई के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को तुरंत नीट धांधली पर रोक लगाने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कड़ा कानून और बिल लाना चाहिए।

    सरकार का रुख

    दूसरी ओर, केंद्र सरकार और सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज किया है। केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि सरकार नीट और शिक्षा सुधारों के मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से देख रही है और नियमों के तहत सभी विषयों पर बात करने को तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक गतिरोध पैदा करना चाहता है।

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