उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव के खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताने वाले दावों पर सवाल उठाते हुए तीखा तंज कसा। राजभर ने कहा कि अखिलेश खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताते हैं। जब एक मौलाना ने भगवान कृष्ण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें 5 वक्त का नमाजी बता दिया, तब अखिलेश यादव पूरी तरह चुप रहे। राजभर ने तीखे लहजे में कहा, “अगर हम कृष्ण के वंशज होते तो मौलाना को पटककर चढ़ बैठते।”
अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन खोने का आरोप: सपा प्रमुख द्वारा “अब कमल कीचड़ में नहीं खिलेगा” की गई टिप्पणी पर तंज कसते हुए राजभर ने पूछा कि क्या कमल अब अखिलेश के सिर पर खिलेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।
- महिलाओं के सम्मान पर सवाल: राजभर ने दावा किया कि जब एक मौलाना ने अखिलेश यादव की पत्नी (डिंपल यादव) को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी, तब भी अखिलेश उनके समर्थन में खड़े नहीं हुए। जो नेता अपनी पत्नी के सम्मान में नहीं खड़ा हो सकता, वह उत्तर प्रदेश की महिलाओं के साथ क्या खड़ा होगा?
अन्य राजनीति मुद्दों पर राजभर का बयान:
- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का विरोध: अमेरिका में संघ प्रमुख के विरोध पर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा, “वह नेता ही क्या जिसका विरोध न हो?” विरोध होने से आंदोलन और विचारधारा और अधिक मजबूत होती है।
- सोनिया गांधी की किताब पर तंज: सोनिया गांधी की किताब न छपने के सवाल पर चुटकी लेते हुए राजभर ने कहा कि उन्हें किताब छापने से किसने रोका है? वे किताब छापकर बांट सकते हैं। क्या वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री उनकी किताब छपवाकर दें?
गाजीपुर में तीन विभागों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे ओमप्रकाश राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है।


