केंद्र सरकार और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ‘भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते’ (Indus-US Trade Agreement) के विरोध में किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का आह्वान किया है। ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित होने वाली ‘किसान महापंचायत’ में शामिल होने के लिए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों में सवार होकर दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, उन्हें रोकने के लिए हरियाणा-पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
शंभू बॉर्डर पर छावनी जैसा मंजर, ट्रैफिक डायवर्ट
किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए अंबाला और शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। घग्गर नदी के पुल पर कंक्रीट के बड़े-बड़े ब्लॉक, लोहे की नुकीली बैरिकेडिंग और जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं।
अंबाला प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर बीएनएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। दिल्ली-जालंधर नेशनल हाईवे पर आवाजाही प्रभावित होने के कारण ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया गया है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर का बयान
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) के प्रमुख नेता सरवन सिंह पंढेर ने शंभू बॉर्डर पर मीडिया से बात करते हुए कहा:
“हम दिल्ली में अपनी आवाज उठाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन सरकार बैरिकेड्स लगाकर हमें रोकने की कोशिश कर रही है। हम सरकार से टकराव नहीं चाहते, बल्कि इस गंभीर मुद्दे पर पारदर्शी बातचीत चाहते हैं। सरकार को यह प्रस्तावित ट्रेड डील तुरंत रद्द करनी चाहिए।”
क्यों भड़का है किसानों का गुस्सा?
किसान संगठनों का आरोप है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश का कृषि और डेयरी क्षेत्र तबाह हो जाएगा:
- सस्ते आयात का खतरा: अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है। वहां के सस्ते कृषि और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में आने से देश के छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका पर संकट आ जाएगा।
- डेयरी सेक्टर पर असर: भारत का डेयरी व्यवसाय करीब 8 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार देता है। विदेशी कंपनियों के प्रवेश से घरेलू फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।
- दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग: किसान नेताओं की मांग है कि सरकार अमेरिका के साथ हो रही सभी वार्ताओं के दस्तावेज सार्वजनिक करे और हितधारकों से सलाह लिए बिना कोई समझौता न करे।
दिल्ली में हाई अलर्ट
राजधानी दिल्ली के सीमाओं (गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर) पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संसद सत्र जारी होने और जंतर-मंतर पर CJP व अन्य संगठनों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है।


