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    ईरान का सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक, होर्मुज जलडमरूमध्य में भी तनाव, जानें क्या होगा असर?

    पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध के बीच एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास तनुरा (Ras Tanura) तेल रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला किया है। इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर रिफाइनरी को पूरी तरह बंद करना पड़ा है।

    1. हमले का स्वरूप

    • ड्रोन अटैक: ईरानी सेना ने ‘शाहेद-136’ (Shahed-136) ड्रोन्स के जरिए सऊदी अरामको की इस विशाल रिफाइनरी को निशाना बनाया।
    • भीषण आग: हमले के बाद रिफाइनरी के प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई। हालांकि, सऊदी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि दो ड्रोन्स को इंटरसेप्ट कर लिया गया था, लेकिन उनके मलबे से रिफाइनरी में आग भड़क उठी।
    • क्षमता: रास तनुरा रिफाइनरी की क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े तेल केंद्रों में से एक बनाती है।

    2. सऊदी अरब का बड़ा फैसला

    हमले के तुरंत बाद, सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने परिचालन रोक दिया:

    • शटडाउन: सुरक्षा आकलन और आगे के खतरों को देखते हुए रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
    • सुरक्षा अलर्ट: सऊदी अरब ने अपने सभी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा का उच्चतम स्तर (High Alert) लागू कर दिया है।

    3. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

    इस एक हमले ने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है:

    • कच्चे तेल में उबाल: रिफाइनरी बंद होने की खबर मिलते ही ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 10% से ज्यादा का उछाल आया, जिससे यह $80 प्रति बैरल के पार पहुँच गया।
    • सप्लाई चेन का संकट: यह रिफाइनरी वैश्विक तेल आपूर्ति का एक मुख्य स्तंभ है। इसके बंद होने से आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की आशंका है।

    4. क्षेत्रीय तनाव में इजाफा

    यह हमला ईरान द्वारा अमेरिका और इजरायल की साझा सैन्य कार्रवाई (जिसमें सर्वोच्च नेता खामेनेई के मारे जाने की खबर है) के प्रतिशोध में किया गया है। ईरान अब खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने की रणनीति अपना रहा है।


    भारत पर क्या होगा असर?

    भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल पश्चिम एशिया से आयात करता है। सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ने और शेयर बाजार में और गिरावट आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

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