उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मशहूर कवि कुमार विश्वास और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मामला साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन और पुलिस के साथ विवाद से जुड़ा है, जिसमें अब कानूनी कार्यवाही तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 20 अप्रैल 2014 का है, जब कुमार विश्वास सुल्तानपुर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। कुमार विश्वास, सोमनाथ भारती और उनके समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के सुल्तानपुर के गौरीगंज इलाके में रोड शो और सभा की थी। जब पुलिस और प्रशासन की टीम ने आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने की घटना हुई।
एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख
लंबे समय से चल रहे इस मामले में अब सुल्तानपुर की विशेष अदालत (MP-MLA Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अगली सुनवाई की तारीख तय की है। कोर्ट ने दोनों नेताओं को व्यक्तिगत रूप से या अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक प्रभाव
कुमार विश्वास अब सक्रिय राजनीति से दूर हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं, वहीं सोमनाथ भारती दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं। हालांकि यह मामला 12 साल पुराना है, लेकिन आचार संहिता के उल्लंघन और सरकारी अधिकारियों से विवाद जैसे मामलों में सजा होने पर राजनीतिक करियर पर असर पड़ सकता है।
इस मामले में अब अगली सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि अदालत उनके खिलाफ आरोप तय करती है या उन्हें राहत मिलती है। फिलहाल, दोनों ही दिग्गजों के लिए सुल्तानपुर की यह कानूनी लड़ाई एक बड़ी सिरदर्दी बन गई है।


