मध्य पूर्व में युद्ध की ज्वाला भड़क उठी है। शनिवार, 28 फरवरी 2026 की सुबह अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर एक व्यापक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) शुरू कर दिया है। तेहरान समेत ईरान के 30 से अधिक रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ मिसाइलें और रॉकेट दागे गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का ईरानी सेना और जनता को अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश जारी कर ईरानी सशस्त्र बलों और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा. “हथियार डाल दो और पूर्ण सुरक्षा पाओ, वरना मौत के लिए तैयार रहो। ईरानी जनता के लिए आजादी की घड़ी आ गई है। अपने घरों में रहें, बाहर निकलना खतरनाक है क्योंकि हर तरफ बम गिरेंगे। जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तब अपनी सरकार की कमान संभाल लेना।”
हमले के मुख्य निशाने
इजरायली रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह एक ‘प्री-एम्प्टिव’ (एहतियाती) हमला है जिसका उद्देश्य ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है। मुख्य ठिकानों में शामिल हैं:
- तेहरान: राजधानी के डाउनटाउन में धमाकों की गूंज सुनी गई।
- रक्षा मंत्रालय और इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर: इन प्रमुख सरकारी केंद्रों को भारी नुकसान पहुँचा है।
- एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन: ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े केंद्रों पर सटीक हमले किए गए हैं।
- खामेनेई का कार्यालय: रिपोर्टों के अनुसार, सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दफ्तर के पास भी मिसाइलें गिरी हैं।
खामेनेई सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट
हमले की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को तेहरान से हटाकर एक अज्ञात ‘सीक्रेट और सुरक्षित स्थान’ पर भेज दिया गया है। ईरानी मीडिया ने पुष्टि की है कि नेतृत्व की सुरक्षा के लिए उच्चतम स्तर के प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।
ईरान ने अपनी हवाई सीमा (Airspace) बंद कर दी है और इस हमले का ‘कुचल देने वाला जवाब’ देने की चेतावनी दी है। दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल और क्षेत्रीय युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।


