पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद मचे घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के सुर अब अचानक बदल गए हैं। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने और उन्हें सभी पदों से हटाने का अल्टीमेटम देने के ठीक बाद, कल्याण बनर्जी ने एक बड़ा यू-टर्न ले लिया है। अब उन्होंने अभिषेक बनर्जी को अपने बेटे के समान बताते हुए उन्हें माफ करने की बात कही है।
कल्याण बनर्जी ने अपने ताजा बयान में नरमी दिखाते हुए कहा, “अभिषेक बनर्जी मेरे बेटे जैसा है। अगर किसी बेटे से कोई गलती हो भी जाती है, तो एक पिता का यह कर्तव्य होता है कि वह उसे माफ कर दे। इसलिए मैंने भी उसे माफ कर दिया है।”
- पहले दिया था सख्त अल्टीमेटम: यह बयान इसलिए बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि इससे ठीक पहले कल्याण बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ तीखा रुख अपनाया था। उन्होंने साफ शब्दों में अल्टीमेटम दिया था कि वह पार्टी में तभी बने रहेंगे जब अभिषेक बनर्जी को टीएमसी के सभी नेतृत्व वाले पदों से पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
- पार्टी में मचे घमासान के बीच डैमेज कंट्रोल: राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, टीएमसी के 19 लोकसभा सांसदों की बगावत और खुद को ‘असली टीएमसी’ बताने के दावों के बीच कल्याण बनर्जी का यह बयान पार्टी के भीतर ‘डैमेज कंट्रोल’ (नुकसान की भरपाई) की कोशिश माना जा रहा है।
कल्याण बनर्जी के इन बदलते बयानों से साफ है कि चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और गुटबाजी को शांत करने के लिए वरिष्ठ नेताओं पर दबाव बढ़ रहा है, ताकि पार्टी को और बिखरने से बचाया जा सके।


