आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों पर एक बार फिर तीखा जुबानी हमला बोला है। पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने के ऐलान पर केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए इसे “महज एक ड्रामा” करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त करने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर उठाए सवाल
हाल ही में पेपर लीक से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए संसद में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के कानून का आश्वासन दिया गया था। इस पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार का यह वादा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है।
केजरीवाल का कहना था कि:
- नीट पेपर लीक का मामला: साल 2024 में नीट (NEET) पेपर लीक का मामला सामने आया था, जिसमें सीबीआई ने संजीव मुखिया नामक आरोपी को मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) बताकर गिरफ्तार किया था।
- आरोपी की रिहाई पर सवाल: फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान होने के महज कुछ ही घंटों भीतर खबर आई कि सीबीआई ने कोर्ट में उसी मास्टरमाइंड को निर्दोष बताते हुए रिहा करने की अर्जी दी।
- दृष्टिकोण की कमी: केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पेपर लीक रोकने का कोई स्पष्ट विज़न नहीं है। अगर व्यवस्था में बुनियादी बदलाव नहीं किए गए, तो हर साल इसी तरह पेपर लीक होंगे और छात्र आत्महत्या करने पर मजबूर होंगे।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर प्रतिक्रिया
लंबे समय से अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सोनम वांगचुक के अनशन टूटने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वांगचुक की मांगें पूरी तरह जायज थीं। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केवल कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा करने से देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। जरूरत इस बात की है कि परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए, निष्पक्ष जांच हो और मुख्य दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से देश में निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की बहाली के लिए एकजुट होने की अपील भी की।


