More
    HomeHindi NewsDelhi NewsBJP, RSS और चुनाव आयोग देशद्रोही, राहुल गांधी बोले, हम सबको पकड़ेंगे,...

    BJP, RSS और चुनाव आयोग देशद्रोही, राहुल गांधी बोले, हम सबको पकड़ेंगे, न्याय जरूर होगा

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 23 सितंबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो कुछ किया जा रहा है, वह गलत है और देश के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि एक समय आएगा जब जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।

    राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि वोट की कथित चोरी भारत के लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने इसके लिए भाजपा, RSS और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए ‘देशद्रोह’ का आरोप लगाया और कहा कि न्याय जरूर होगा। ये आरोप राहुल गांधी की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच आए हैं।

    चुनाव आयोग में कथित मतभेद का मुद्दा

    राहुल गांधी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की एक रिपोर्ट भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता सूची के डेटाबेस के नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

    हालांकि, चुनाव आयोग ने औपचारिक मतभेद के दावे को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि कामकाज के दौरान अलग-अलग राय और सुझाव सामने आना सामान्य है। उसके मुताबिक SIR समेत सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

    फॉर्म-6 में बदलाव पर भी विवाद

    पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार वैधानिक मतदाता पंजीकरण फॉर्म में बदलाव के लिए संबंधित नियमों में संशोधन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फॉर्म-6 में SIR से संबंधित घोषणा जोड़े जाने पर भी चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी।

    कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपने फैसलों को सामूहिक और सर्वसम्मत बता रहा है। ऐसे में विवाद का केंद्र चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची में बदलाव और आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया बनी हुई है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments