गुजरात में मानसूनी बारिश ने भयंकर रूप धारण कर लिया है। विशेष रूप से दक्षिण गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़कें, नदियां और निचले इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं, जिससे गाड़ियां डूब गई हैं और आम जनजीवन ठप हो गया है।
बाढ़ के बीच हेलीकॉप्टर और नावों से रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
- सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण: नवसारी और वलसाड जिलों से 22,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
- एयरलिफ्ट और रेस्क्यू: पानी में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर, भारतीय वायुसेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) को अलर्ट पर रखा गया है।
- उफनती नदियां: औरंगा, पार और दमन गंगा जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे तटीय गांवों में पानी भर गया है।
वलसाड के उमरगाम में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में मात्र 16 से 36 घंटे के भीतर 1,100 मिमी से अधिक (36 इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई, जो देश के दैनिक बारिश के इतिहास में सबसे भारी बारिश के आंकड़ों में दर्ज हुई है।
IMD का 16 जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए अहमदाबाद समेत राज्य के 16 जिलों में अति भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
इन प्रमुख जिलों में जारी हुआ रेड अलर्ट:
अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, खेड़ा, आणंद, भरूच, पंचमहल, मेहसाणा, साबरकांठा, पाटन, बनासकांठा, सुरेंद्रनगर, बोटाद, अमरेली, भावनगर और कच्छ।
राज्य के अन्य जिलों को ‘ऑरेंज अलर्ट’ पर रखा गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की दर से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित
- भारी जलभराव के कारण 300 से अधिक सड़कें और कई राज्य मार्ग अस्थायी रूप से बंद करने पड़े हैं।
- मुंबई और गुजरात को जोड़ने वाले वेस्टर्न रेलवे रूट पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं, कई ट्रेनों को रद्द या उनके मार्ग को छोटा (short-terminate) किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और सभी प्रभारी मंत्रियों व अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में ग्राउंड जीरो पर तैनात रहने के निर्देश दिए हैं।


