केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और तेज होने वाला है। कॉमन ज्वाइंट प्रोटेस्ट (CJP) ने ऐलान किया है कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक को ‘यूजलेस’ करार देते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
नड्डा के साथ बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं
शनिवार को CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से मुलाकात की और नीट परीक्षा में हुई धांधली के सबूत पेश किए। बैठक के बाद आशुतोष रांका ने मीडिया को बताया कि नड्डा ने उनकी बातों को सुना, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कहा, “नड्डा जी ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई बात नहीं की। यह बैठक केवल औपचारिकता थी और छात्रों को गुमराह करने का प्रयास था।”
सीजेपी का आरोप: सरकार धांधली को छिपा रही है
CJP ने आरोप लगाया है कि नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है। रांका ने कहा, “हमारे पास नीट परीक्षा में हुई धांधली के पक्के सबूत हैं। प्रश्नपत्र लीक हुए, परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था थी और परिणाम घोषित होने के बाद भी कई विसंगतियां सामने आईं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस धांधली के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।”
प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी
CJP ने चेतावनी दी है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे अपना प्रदर्शन तेज करेंगे। रांका ने कहा, “हम चुप नहीं बैठेंगे। हम देश भर में छात्रों को एकजुट करेंगे और सरकार को हमारी मांगें मानने के लिए मजबूर करेंगे। हम सड़कों पर उतरेंगे, विरोध प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी करेंगे।”
छात्रों का भविष्य खतरे में
नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के कारण लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र इस धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार ने नीट परीक्षा में हुई धांधली के आरोपों को खारिज किया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि नीट परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी रही है और कोई धांधली नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें न्याय मिलेगा।
भविष्य की योजना
CJP ने अभी तक अपनी भविष्य की योजना का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या वे छात्रों की मांगों को मानते हैं।


