लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम ने अपना अविश्वसनीय दबदबा जारी रखते हुए इतिहास रच दिया है। रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को 7 विकेट से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड 7वीं बार महिला टी20 विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। टूर्नामेंट के अब तक हुए कुल 10 संस्करणों में से 7 बार खिताब जीतना ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत की गवाही देता है।
फाइनल मैच का लेखा-जोखा
मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के सामने बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 150 रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से नेट सिवर-ब्रंट ने सबसे ज्यादा 58 रनों की पारी खेली।
151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बेहतरीन शुरुआत की। हालांकि, सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वॉल (9 रन) के रूप में पहला झटका जल्दी लग गया था, लेकिन इसके बाद अनुभवी बेथ मूनी और युवा फोएबे लिचफील्ड ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी हुई, जिसने मैच को पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने महज़ 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर 153 रन बना लिए और 17 गेंद शेष रहते ही खिताबी मुकाबला अपने नाम कर लिया।
- बेथ मूनी: 49 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 64 रन (प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट)
- फोएबे लिचफील्ड: 35 गेंदों में 6 चौके और 2 छक्कों के साथ 48 रन
- एलिस पेरी: 13 रन (नाबाद)
फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ ‘चौका’
महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में यह चौथी बार था जब फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। हर बार की तरह इस बार भी बाजी ऑस्ट्रेलिया के हाथ लगी।
- ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले 2012, 2014 और 2018 के फाइनल में भी इंग्लैंड को मात दी थी।
- इस जीत के साथ ही विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड अब 4-0 का हो गया है।
बेथ मूनी का दोहरा धमाल: फाइनल में मैच जिताऊ अर्धशतक (64 रन) जड़ने वाली बेथ मूनी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके साथ ही पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक 238 रन बनाने के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के दोहरे सम्मान से भी नवाजा गया।
हार के बाद भावुक हुईं इंग्लैंड की कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने स्वीकार किया कि खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने अपने बड़े मैचों के अनुभव का पूरा फायदा उठाया। वहीं इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम लॉर्ड्स के मैदान पर जश्न में डूब गई।


