भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से बिहार और राजस्थान में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में खराब मौसम, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
बिहार-राजस्थान में बारिश का बड़ा खतरा
दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही उत्तर और पश्चिमी भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
- बिहार: मौसम विभाग ने राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का बड़ा खतरा है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले में न जाने की सलाह दी है।
- राजस्थान: मरुधरा में मानसून की एंट्री धमाकेदार रही है। जयपुर, कोटा, बारां और झालावाड़ समेत पूर्वी और मध्य राजस्थान के कई हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर संभाग) की तरफ मानसून के आगे बढ़ने और वहां आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
देश के 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट
मानसून की ट्रफ लाइन एक्टिव होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक, जिन 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है, उनमें प्रमुख हैं:
उत्तर और मध्य भारत: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, और मेघालय।
पश्चिमी और दक्षिणी तट: गुजरात, महाराष्ट्र (कोंकण क्षेत्र), गोवा और कर्नाटक।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा की स्थिति:
- उत्तर प्रदेश: यूपी में अगले 5 दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 8 और 9 जुलाई को पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।
- हरियाणा: मानसून की रेखा हिसार से गुजर रही है। विभाग ने हरियाणा के 17 जिलों (अंबाला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक आदि) में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल के किन्नौर और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में मलबे के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश में भी क्षिप्रा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।


