उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सपा शासनकाल में पूरे प्रदेश का नहीं, बल्कि सिर्फ दो परिवारों का विकास हुआ—एक सैफई का परिवार (मुलायम-अखिलेश यादव) और दूसरा रामपुर का परिवार (आजम खान)।
चाचा-भतीजे पर सरकारी भर्तियों में ‘वसूली’ का आरोप
मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव का नाम लिए बिना उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“2017 से पहले जब भी सरकारी नौकरियां निकलती थीं, तो चाचा-भतीजे का पूरा कुनबा (परिवार) झोला लेकर वसूली पर निकल पड़ता था। योग्य और गरीब युवाओं को दरकिनार कर केवल पैसे देने वालों को नौकरियां दी जाती थीं।”
सीएम योगी ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में पिछले 7-9 वर्षों के भीतर प्रदेश में 7 लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता और बिना किसी सिफारिश के सरकारी नौकरियां मिली हैं। आज कोई भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत नहीं कर सकता।
‘नया रामपुर’ और कानून व्यवस्था
रामपुर के बदलते माहौल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रामपुर की पहचान जमीनों पर कब्जे, दंगों और माफिया राज से होती थी। व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में थी। लेकिन आज यूपी में माफिया राज पूरी तरह खत्म हो चुका है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का रामपुर भयमुक्त है और यहाँ विकास की नई राहें खुली हैं। अब सरकारी योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सीधे गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री के भाषण की 3 बड़ी बातें
- तुष्टिकरण बनाम विकास: पहले की सरकारें केवल एक खास वर्ग और अपने पसंदीदा चेहरों के तुष्टिकरण में लगी रहती थीं, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है।
- सड़कों और कनेक्टिविटी का जाल: रामपुर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) और एक्सप्रेसवे के जरिए कनेक्टिविटी को तेजी से मजबूत किया गया है।
- सुरक्षा का माहौल: व्यापारियों और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है, जिससे राज्य में निवेश बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने के लिए माफिया और परिवारवादी राजनीति को हमेशा के लिए पीछे छोड़ना होगा।


