पेपर लीक के बाद अब सड़क पर E20 ईंधन नीति के खिलाफ होगा आंदोलन नीट (NEET) पेपर लीक के मुद्दे पर चले देशव्यापी आंदोलन और राजनीतिक हलचल के बाद अब केंद्र सरकार की ई-20 (E20) ईंधन नीति के खिलाफ नया विरोध प्रदर्शन शुरू होने जा रहा है। ‘टीम भारत’ के संस्थापक और राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने सरकार की E20 पॉलिसी के खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। वे गाड़ी मार्च, गांधी मार्च निकालेंगे। तहसीन पूनावाला ने इस नए आंदोलन की तारीख और जगह का खुलासा करते हुए देश के नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
कब और कहां होगा यह आंदोलन?
तहसीन पूनावाला के अनुसार, यह आंदोलन ‘गाड़ी मार्च, गांधी मार्च’ के नाम से आयोजित किया जाएगा।
- तारीख: 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार)।
- स्थान और रूट: यह मार्च राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट से शुरू होगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी संसद मार्ग होते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के आधिकारिक आवास और कार्यालयों का घेराव करने पहुंचेंगे।
- अपील: उन्होंने लोगों से अपनी कार, बाइक और अपने अधिकारों की आवाज के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।
E20 नीति पर तहसीन पूनावाला के गंभीर आरोप
तहसीन पूनावाला का दावा है कि E20 (पेट्रोल में 20% एथेनॉल का मिश्रण) नीति को बेहद गलत और बिना सही तैयारी के लागू किया गया है। उनका कहना है कि इस नीति से पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंच रहा है और वाहन चालकों के माइलेज में गिरावट आ रही है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें:
- सस्ता और शुद्ध पेट्रोल: यदि नीति में पारदर्शिता लाई जाए और सही सुधार किए जाएं, तो जनता को 80 से 90 रुपये प्रति लीटर के बीच शुद्ध, बिना मिलावट वाला पेट्रोल दिया जा सकता है।
- चयन का अधिकार (Choice): उपभोक्ताओं को यह विकल्प मिलना चाहिए कि वे E20 फ्यूल चुनना चाहते हैं या सामान्य शुद्ध पेट्रोल।
- दस्तावेजों को सार्वजनिक करना: E20 नीति और एथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़ी सभी रिपोर्ट व वित्तीय दस्तावेजों को जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए।
नागरिक अधिकारों की लड़ाई
तहसीन पूनावाला ने कहा कि यह केवल ईंधन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के अधिकार और उनकी पसंद की आजादी का सवाल है। पेपर लीक के बाद अब E20 के खिलाफ शुरू हो रहा यह ‘गाड़ी मार्च’ सरकार के लिए एक नई चुनौती बन सकता है।


