सैन्य अभियानों और जवानों की शहादत के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान 6 भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को छिपाने और देश की संसद को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया के जरिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार ने अपनी ‘फर्जी छवि’ को बचाने के लिए देश के वीरों की शहादत का अपमान किया है।
कांग्रेस के आरोपों की मुख्य वजहें और घटनाक्रम
| मुख्य बिंदु | विवरण और आरोप |
|---|---|
| शहीदों के नाम साझा | सरकार द्वारा अब जाकर ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सैनिकों के नामों को आधिकारिक तौर पर साझा किया गया। |
| संसद में पुराना बयान | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई, 2025 को संसद में कहा था कि ऑपरेशन में कोई नुकसान (क्षति) नहीं हुआ है। |
| कांग्रेस का दावा | ऑपरेशन के दौरान देश के छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। |
“संसद को जानबूझकर गुमराह किया गया” – सुप्रिया श्रीनेत
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब जाकर मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के नाम साझा किए हैं, जिनमें सूबेदार मेजर पवन कुमार (आर्मी) समेत अन्य नाम शामिल हैं।
श्रीनेत ने पिछले साल के मानसून सत्र का हवाला देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई, 2025 को भरी संसद में झूठ बोला था कि इस ऑपरेशन के दौरान एक भी क्षति नहीं हुई है।
सुप्रिया श्रीनेत का बयान: “उस समय संसद को जानबूझकर गुमराह किया गया था। यह सदन की अवमानना और संसदीय विशेषाधिकार के हनन (Breach of Parliamentary Privilege) के साथ-साथ उन शहीदों का कितना बड़ा अपमान है, जिनकी शहादत को इस सरकार ने अपनी फर्जी छवि के चक्कर में संसद में नकार दिया। लानत है।”
पवन खेड़ा ने साझा किया रक्षा मंत्री का वीडियो
पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लोकसभा में दिए गए पुराने भाषण का एक वीडियो क्लिप साझा किया। इस वीडियो में रक्षा मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश के जांबाज सैनिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
खेड़ा ने सरकार के सामने दो गंभीर स्थितियां रखीं:
- पहली संभावना: यदि रक्षा मंत्री को सच में अपने छह जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी, तो यह खुफिया तंत्र और सैन्य संचार की बहुत बड़ी नाकामी (Intelligence Failure) को दर्शाता है।
- दूसरी संभावना: यदि उन्हें सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने सदन में यह बयान दिया, तो यह उससे भी अधिक गंभीर है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार लोकतंत्र के मंदिर में शपथ लेने के बावजूद देश से झूठ बोल रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर देश और शहीदों के परिवारों से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।


