आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को मिली 34 रनों की ऐतिहासिक हार ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा टीम इंडिया का यह आगाज बेहद निराशाजनक रहा। इस करारी शिकस्त के बाद, मैच में भारत की तरफ से सबसे बड़ी (50 रनों की) पारी खेलने वाले आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार के मुख्य कारणों पर खुलकर बात की। दिलचस्प बात यह है कि पूरी टीम के 148 रनों पर सिमट जाने के बावजूद, अभिषेक ने अपनी टीम के बल्लेबाजी क्रम को इस हार के लिए मुख्य रूप से दोषी नहीं ठहराया है।
अभिषेक शर्मा का मैच विश्लेषण (Abhishek Sharma’s Analysis)
| हार का मुख्य कारण | अभिषेक शर्मा का बयान / तर्क |
|---|---|
| डेथ ओवरों की गेंदबाजी | अंतिम 5 ओवरों में 64 रन लुटाना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा। |
| गैरेथ डेलानी का विस्फोटक रूप | डेलानी की पारी ने आयरलैंड को एक मनोवैज्ञानिक बढ़त (Momentum) दे दी। |
| बल्लेबाजी पर रुख | शुरुआत में विकेट गिरे, लेकिन हमारे खेलने के आक्रामक अंदाज (Intent) में कोई कमी नहीं थी। |
“बल्लेबाजी नहीं, अंतिम ओवरों की गेंदबाजी ने छीना मैच”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अभिषेक शर्मा से भारतीय बल्लेबाजी के ताश के पत्तों की तरह बिखरने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से जवाब दिया। अभिषेक ने कहा, “अगर आप मैच को ध्यान से देखें, तो हमारी हार की मुख्य वजह बल्लेबाजी नहीं, बल्कि पहली पारी के आखिरी 5 ओवर रहे। पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी, लेकिन हमने डेथ ओवरों में अपनी रणनीति को सही ढंग से लागू नहीं किया।”
अभिषेक का इशारा साफ तौर पर गैरेथ डेलानी (49 रन) और लॉर्कन टकर (50 रन) के बीच हुई साझेदारी की तरफ था। भारतीय गेंदबाजों ने 15 ओवर तक आयरलैंड को 118 रनों पर रोक रखा था, लेकिन आखिरी 5 ओवरों में दिशाहीन गेंदबाजी के चलते आयरिश टीम 182 के विशाल स्कोर तक पहुंच गई। प्रसिद्ध कृष्णा के एक ही ओवर में पड़े तीन छक्कों ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया था।
आक्रामक एप्रोच का किया बचाव
पावरप्ले में ही संजू सैमसन, ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर के विकेट गंवाने के बावजूद अभिषेक ने टीम की मानसिकता का बचाव किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में आपको पावरप्ले का फायदा उठाने के लिए जोखिम लेना ही पड़ता है।
अभिषेक शर्मा का बयान: “हम एक युवा टीम हैं और हमारे पास कप्तान श्रेयस अय्यर की तरफ से साफ निर्देश थे कि हमें बिना किसी डर के अपना स्वाभाविक खेल खेलना है। शुरुआती विकेट गिरने के बाद भी हमारा ‘इंटेंट’ (इरादा) सकारात्मक था। दुर्भाग्य से, आयरलैंड के गेंदबाजों ने अपनी घरेलू परिस्थितियों का शानदार फायदा उठाया और सही लेंथ पर गेंदबाजी की।”
दूसरे मैच में मजबूत वापसी का भरोसा
अपनी खुद की पारी (20 गेंदों में 50 रन) पर बात करते हुए अभिषेक ने निराशा जताई कि वह इसे एक मैच जिताऊ बड़े शतक में तब्दील नहीं कर सके। उन्होंने स्वीकार किया कि अर्धशतक से ठीक पहले उनका आउट होना भी टीम के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि वह क्रीज पर पूरी तरह सेट हो चुके थे।
शृंखला में 0-1 से पिछड़ने के बाद, अभिषेक ने प्रशंसकों को भरोसा दिलाया कि टीम इंडिया अपनी गलतियों से तुरंत सीख लेगी। उन्होंने कहा कि रविवार को होने वाले दूसरे और अंतिम टी20 मैच में भारतीय टीम एक बिल्कुल नई रणनीति और मजबूत इरादों के साथ मैदान पर उतरेगी ताकि सीरीज को 1-1 की बराबरी पर समाप्त किया जा सके।


