तमिलनाडु के कद्दावर नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अलग होने के बाद राज्य की सियासत में एक बहुत बड़ा धमाका किया है। शुक्रवार को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के तुरंत बाद अन्नामलाई ने अपने नए राजनीतिक आंदोलन ‘इधु नम्मा इयक्कम’ (यह हमारा आंदोलन है) की घोषणा की।
इस नए डिजिटल और जमीनी अभियान को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला है। लॉन्च होने के महज 10 घंटों के भीतर ही 10 लाख से अधिक वॉलंटियर्स ने इसकी वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराया है, जिसे राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
बीजेपी छोड़ने की मुख्य वजह और इस्तीफा
अन्नामलाई ने शुक्रवार (5 जून) को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंपा। इससे ठीक पहले उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीएल संतोष सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी।
- दृष्टिकोण में मतभेद: अपने इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के भविष्य और वहां की राजनीतिक दिशा को लेकर उनके और केंद्रीय नेतृत्व के विचारों में भिन्नता थी, जिसके चलते उन्होंने अलग राह चुनी।
- चुनावी हार की पृष्ठभूमि: यह बड़ा फैसला हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में बीजेपी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आया है, जहां अन्नामलाई के नेतृत्व में एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी को केवल 3% वोट शेयर मिला।
‘इधु नम्मा इयक्कम’: आंदोलन से राजनीतिक दल का सफर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रिकॉर्ड तोड़ समर्थन के आंकड़े साझा करते हुए अन्नामलाई ने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक नया मील का पत्थर छुआ है, जहां सिर्फ 10 घंटों में 10 लाख से अधिक वॉलंटियर्स ने पंजीकरण कराया है। यह असाधारण प्रतिक्रिया हमारे साझा दृष्टिकोण और सामूहिक मिशन में बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है।”
अन्नामलाई ने यह भी साफ कर दिया है कि यह आंदोलन केवल एक सामाजिक मंच नहीं रहेगा। यह शुरुआत है एक नए राजनीतिक दल की, जो आने वाले समय में तमिलनाडु की सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय ताकतों को टक्कर देने के लिए पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा।
बीजेपी में मची भगदड़ और युवाओं का क्रेज
अन्नामलाई के इस बड़े कदम के बाद तमिलनाडु बीजेपी के भीतर संगठनात्मक उथल-पुथल शुरू हो गई है। उनके समर्थन में कई युवा नेताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ दी है:
- पेराम्बलुर जिला महासचिव उमा हेमावती सेल्वराज ने बीजेपी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
- भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राज्य कानूनी संयोजक अभिलाष गोपीनाथन ने भी पार्टी छोड़ दी।
समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति अब ‘जेन जेड’ (Gen Z) यानी युवाओं की राजनीति की तरफ बढ़ रही है। अन्नामलाई अपनी बेबाक शैली और जमीनी पकड़ के कारण राज्य के युवाओं और नए वोटर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उनके इस नए आंदोलन से डीएमके (DMK), एआईएडीएमके (AIADMK) और हाल ही में राजनीति में आए अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के सामने भी एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।


