भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए भारत को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने संस्थान से 3,000 से अधिक उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों और 587 पीएचडी शोधकर्ताओं को बधाई दी और देश के विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित किया।
संबोधन के प्रमुख मुख्य बिंदु:
- ‘चिप से शीप तक आत्मनिर्भरता’: प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश को उन्नत तकनीकों में स्वावलंबी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “चिप से लेकर शीप तक” (यानी माइक्रोचिप्स और सेमीकंडक्टर से लेकर नौसेना के जहाजों और विनिर्माण तक) सब कुछ भारत में और देश के युवाओं के हाथों से बनना चाहिए।
- ‘परम प्रज्ञा’ AI सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन: दीक्षांत समारोह के अवसर पर पीएम मोदी ने IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उच्च-क्षमता वाले सुपरकंप्यूटर ‘परम प्रज्ञा’ (PARAM Pragya) का वर्चुअल उद्घाटन किया। नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत स्थापित 250 पेटाफ्लॉप क्षमता वाला यह सुपरकंप्यूटर देश में AI और डेटा साइंस रिसर्च को नई रफ्तार देगा।
- ग्लोबल रिसर्च और इनोवेशन हब: पीएम ने कहा कि आज का भारत केवल समस्याओं का समाधान खोजने वाला नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर इनोवेशन का नेतृत्व करने वाला देश बन रहा है। उन्होंने IITियन से ‘ब्रांड इंडिया’ को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने का आग्रह किया।
- मेधावी छात्रों का सम्मान: समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने मेधावी छात्रों को प्रतिष्ठित पुरस्कार जैसे प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल, डायरेक्टर गोल्ड मेडल, और शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
नवाचार और राष्ट्रीय नेटवर्क पर जोर
इस दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी भी उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि IIT दिल्ली ने देश भर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) के साथ अकादमिक और अनुसंधान नेटवर्क को मजबूत करने के लिए साझेदारी (ALIGN पहल) की है, जिसका लाभ देश के दूर-दराज के छात्रों को भी मिलेगा।


