अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया, लेकिन इस दौरान 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को एक भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला। जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव के भारतीय प्लेइंग-11 में शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभवी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा।
अभिषेक-सैमसन ने मजबूत किया दावा
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में अभिषेक और सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी की। तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा ने महज 30 गेंदों में शतक जड़कर भारत के लिए सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 34 गेंदों में 108 रन बनाए। वहीं संजू सैमसन ने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी की और भारत को 221 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पूरी सीरीज में सैमसन ने 117 रन बनाए और दो अर्धशतक लगाए। ऐसे प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन के लिए सलामी जोड़ी में बदलाव करना आसान नहीं था।
गंभीर ने साफ कहा- वैभव को करना होगा इंतजार
सीरीज खत्म होने के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर से वैभव को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल पूछा गया। गंभीर ने स्पष्ट किया कि युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन टीम में लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलना स्वाभाविक है।
गंभीर ने कहा कि वैभव को अपने मौके का इंतजार करना होगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जब इस 15 वर्षीय बल्लेबाज को मौका मिलेगा, तो उसे पर्याप्त मुकाबले खेलने का अवसर दिया जाएगा।
गंभीर के मुताबिक, जो खिलाड़ी पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वे उस खिलाड़ी से आगे रहेंगे जिसने अभी-अभी टीम में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा जरूरी है और टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मौजूदगी अच्छी बात है।
सैमसन को लेकर भी गंभीर ने दिया जवाब
वैभव को बाहर रखने के फैसले के साथ ही सैमसन की टीम में वापसी भी चर्चा का विषय रही। गंभीर ने कहा कि सैमसन ने अपनी प्रतिभा साबित की है और विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रह चुके खिलाड़ी को कुछ असफलताओं के बाद खराब नहीं माना जा सकता। उन्होंने इंग्लैंड सीरीज में सैमसन को बाहर रखने को अपने कोचिंग कार्यकाल के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक बताया।
टीम प्रबंधन ने अफगानिस्तान के खिलाफ उस संयोजन को बरकरार रखा जिसने पहले बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल की थी। इस फैसले का नतीजा भी भारत के पक्ष में रहा और टीम ने सीरीज में तीनों मुकाबले जीते।
अब कब मिलेगा वैभव को मौका?
फिलहाल गंभीर ने वैभव के अगले मैच की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। इतना जरूर स्पष्ट किया कि उन्हें मौका मिलने पर लंबा रन दिया जाएगा। वैभव इससे पहले जिम्बाब्वे दौरे पर 151 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे।
इसलिए अब उनकी नजर आगामी टी20 मुकाबलों और दूसरे सफेद गेंद के अवसरों पर होगी। टीम में जगह के लिए अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के बीच प्रतिस्पर्धा भारतीय क्रिकेट में शीर्ष क्रम के विकल्पों को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।


