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    AWG मशीन: अब हवा से मिलेगा शुद्ध पानी! पेयजल संकट से राहत दिलाने में होगी गेम-चेंजर

    जल संकट से निपटने और पीने के पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक स्टार्टअप कंपनी ने एक अनूठी और आधुनिक तकनीक विकसित की है। इस कंपनी ने ‘एटमॉस्फेरिक वॉटर जनरेटर’ (AWG) मशीन बाजार में उतारी है, जो सीधे हवा में मौजूद नमी (आद्रता) को खींचकर उसे पीने योग्य शुद्ध पानी में बदल देती है। कंपनी का दावा है कि यह मशीन बहुत ही कम बिजली—लगभग एक मोबाइल चार्जर या छोटे एलईडी बल्ब जितनी ऊर्जा—की खपत पर काम करती है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बुधवार से शुरू हुए चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो (IHE) में एक ऐसी तकनीक ने आगंतुकों का ध्यान विशेष रूप से अपनी ओर खींचा है, जो भविष्य में गहराते पेयजल संकट से राहत दिलाने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

    कैसे काम करती है यह खास मशीन?

    1. हवा से नमी का अवशोषण (Condensation): यह मशीन आसपास के वातावरण से हवा खींचती है और उसमें मौजूद आद्रता (Moisture) को संघनित (Condense) करके पानी की बूंदों में बदल देती है।
    2. मल्टी-स्टेज प्यूरिफिकेशन (बहु-स्तरीय शोधन): हवा से एकत्र किए गए पानी को पूरी तरह शुद्ध और कीटाणुरहित बनाने के लिए इसे उन्नत फिल्टरेशन सिस्टम, यूवी (UV) ट्रीटमेंट और मिनरल री-ऐडिशन प्रोसेस से गुजारा जाता है। इससे पानी में जरूरी मिनरल्स जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम बने रहते हैं।
    3. शून्य जल अपव्यय (Zero Water Wastage): पारंपरिक RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) प्यूरिफायर की तरह इसमें पानी की एक भी बूंद बर्बाद नहीं होती।

    मुख्य विशेषताएं और बिजली की खपत का दावा

    • अत्यंत कम बिजली खपत: कंपनी के अनुसार, इस मशीन को विशेष एनर्जी-इफिशिएंट सर्किट पर डिजाइन किया गया है। यह आम घरेलू प्यूरिफायर या वॉटर कूलर की तुलना में बेहद कम बिजली लेती है, जिससे इसकी परिचालन लागत (Operating Cost) मामूली रह जाती है।
    • पोर्टेबल और आसान रखरखाव: मशीन को कहीं भी आसानी से स्थापित किया जा सकता है। इसके लिए किसी ग्राउंडवॉटर कनेक्शन या वॉटर सप्लाई पाइपलाइन की आवश्यकता नहीं होती।
    • विभिन्न क्षमताएं: कंपनी ने इसे घरों, कार्यालयों और वाणिज्यिक स्थानों की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग क्षमता (10 लीटर से लेकर 100 लीटर प्रतिदिन) में लॉन्च किया है।

    भविष्य के लिए क्यों है यह तकनीक महत्वपूर्ण?

    भारत के कई शहरों और विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर में भूमिगत जल का स्तर तेजी से गिर रहा है। ऐसे में हवा से पानी बनाने वाली यह ‘Air-to-Water’ तकनीक आने वाले समय में पीने के पानी के संकट को दूर करने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है। बिना किसी बाहरी जल स्रोत के शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना इसका सबसे बड़ा फायदा है।

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