भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 19 राज्यों में तेज बारिश, गर्जना और भीषण आंधी का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) तथा बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती संचरण के कारण मानसूनी हवाएं काफी आक्रामक रूप ले चुकी हैं। कई इलाकों में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।
प्रमुख राज्यों में मौसम का हाल और अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अलग-अलग राज्यों में बारिश और आंधी की स्थिति इस प्रकार रहने का अनुमान है:
| राज्य | प्रभावित प्रमुख इलाके/जिले | अनुमानित हवा की गति |
| उत्तर प्रदेश | मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर | 70-80 किमी/घंटा |
| बिहार | पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया | 60-70 किमी/घंटा |
| राजस्थान | जयपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर | 60-70 किमी/घंटा |
| उत्तराखंड | देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली | 60 किमी/घंटा तक |
| पंजाब | लुधियाना, जालंधर, पटियाला, चंडीगढ़, पठानकोट | 50-55 किमी/घंटा |
| दिल्ली-NCR | संपूर्ण दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्र | 30-40 किमी/घंटा |
इन राज्यों के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में भी मूसलाधार बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बढ़ा खतरा
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील इलाकों में लगातार हो रही बारिश से लैंडस्लाइड (Landslide) और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा है।
- बिजली गिरने की आशंका: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- शहरी क्षेत्रों में जलभराव: दिल्ली, पटना और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में भारी बारिश के चलते यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बन सकती है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने तथा किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का निर्देश दिया गया है।


