पश्चिम एशिया संघर्ष: होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) का बड़ा बयान
पश्चिम एशिया (West Asia Conflict) में जारी भारी सैन्य तनाव के बीच एक और बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज ‘जीएफएस गैलेक्सी’ (GFS Galaxy) को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया गया है। इस मालवाहक जहाज पर चालक दल (Crew) के रूप में 11 भारतीय नागरिक सवार थे। हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट किया है।
राहत और बचाव कार्य: 10 भारतीय सुरक्षित, एक की तलाश जारी
रविवार को विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हमले के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
- सुरक्षित बचाए गए नाविक: जहाज पर मौजूद 11 भारतीय नागरिकों में से 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
- एक भारतीय लापता: इस भीषण हमले के बाद से 1 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
- राजनयिक समन्वय: ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। भारतीय अधिकारी लापता नाविक की तलाश के लिए ओमान के स्थानीय प्रशासन और तटरक्षक बलों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय (Coordination) स्थापित किए हुए हैं। भारत सरकार ने संकट के इस समय में त्वरित सहायता देने के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) का कड़ा रुख और मांगें
इस घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता और दुख व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
बढ़ते हमलों पर चिंता: भारत ने कहा कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक (Commercial) जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये वैश्विक व्यापार व निर्दोष नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
- तनाव कम करने की अपील: भारत सरकार ने वैश्विक समुदाय और संघर्षरत देशों से अपील की है कि क्षेत्र में सैन्य तनाव को तुरंत कम (De-escalate) किया जाना चाहिए।
- राजनयिक समाधान की मांग: विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि जारी राजनयिक वार्ताओं को किसी तार्किक और शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचाया जाना बेहद जरूरी है, ताकि पूरे क्षेत्र में फिर से शांति और स्थिरता लौट सके।
- मुक्त नौवहन की वकालत: भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों (Civilian Infrastructure) को निशाना बनाने का यह सिलसिला हर हाल में बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सिद्धांतों के अनुरूप, सभी अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही और मुक्त व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
होर्मुज संकट और भारत पर इसका असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका/गठबंधन सेनाओं के बीच बढ़ते टकराव के कारण यह समुद्री मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। भारत अपनी कच्चे तेल (Crude Oil) की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी मार्ग के जरिए आयात करता है। वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे इन लगातार हमलों से न केवल भारतीय नाविकों की जान जोखिम में पड़ रही है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और भारत के व्यापारिक हितों पर भी गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।


