देशभर में ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने दिल्ली में बयान जारी कर सरकार की नीतियों पर कड़ा ऐतराज जताया।
उन्होंने कहा, “दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 100 रुपये को पार कर चुकी हैं, और मुंबई में ये 111 रुपये तक पहुंच गई हैं। एक तरफ आप दावा करते हैं कि देश में कोई कमी नहीं है, दूसरी तरफ आप लगातार कीमतें बढ़ा रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जनता में सांप्रदायिकता का इंजेक्शन लगाकर आप उनके साथ जो कुछ भी कर रहे हैं, उसके लिए आने वाली पीढ़ियां आपको कभी माफ नहीं करेंगी।”
ईरान-रूस से सस्ता तेल क्यों नहीं खरीद रहे पीएम? : आप
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी ईंधन की मार को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आम जनता की जेब पर पड़ रहे असर का जिक्र करते हुए कहा, पिछले महज 10 दिनों में ही पेट्रोल-डीजल के दाम साढ़े सात रुपये बढ़ चुके हैं। अब देश में कोई ऐसा शहर या राज्य नहीं बचा है जहां पेट्रोल 100 रुपये से कम में मिल रहा हो। एक गरीब आदमी ईंधन का यह खर्च आखिर कैसे उठा सकता है? ईरान और रूस से सस्ता तेल उपलब्ध है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी वहां से तेल नहीं खरीद रहे हैं। आखिर क्यों?…”
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि वैश्विक स्तर पर सस्ते विकल्पों की मौजूदगी के बावजूद सरकार घरेलू बाजार में तेल की कीमतें बढ़ाकर आम आदमी पर महंगाई का भारी बोझ डाल रही है।


