पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान के नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली बड़ी जीत के बाद जहां विपक्ष टीएमसी के बिखरने का दावा कर रहा है, वहीं टीएमसी ने अपने उम्मीदवार पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है।
टीएमसी उम्मीदवार ने दिया धोखा: सौगत राय
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत राय ने दिल्ली में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारे उम्मीदवार (जहांगीर खान) ने हमें धोखा दिया। उन्होंने चुनाव प्रचार खत्म होने से महज तीन दिन पहले ही चुनाव से पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। उस समय तक हमारे पास दूसरा उम्मीदवार उतारने का मौका नहीं बचा था, यही वजह है कि यह परिणाम सामने आया है।”
बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति का अंत: तरुण चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए ममता बनर्जी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा:
“फाल्टा की जनता ने साफ कर दिया है कि बंगाल अब टीएमसी के डर, धमकी, जिहाद और हिंसा की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। लोकतंत्र की इस ऐतिहासिक जीत ने ममता बनर्जी के सिंडिकेट मॉडल को करारा थमाचा मारा है। जिस सीट को टीएमसी अपना अभेद्य किला मानती थी, वहां जनता ने भारी समर्थन देकर साबित कर दिया है कि बंगाल में बदलाव की लहर नहीं बल्कि सुनामी है और तुष्टिकरण की राजनीति टूट रही है।”
एक लाख से अधिक वोटों से मिली जीत
रांची में भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बताया कि पूरे देश की नजरें फाल्टा चुनाव पर टिकी थीं। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के मैदान छोड़कर भागने और नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा ने वहां एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं, भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि टीएमसी में भगदड़ मची है और वह विघटन की राह पर है। बंगाल में भाजपा सरकार आने से लोग खुश हैं और पीएम मोदी उनके सपनों को पूरा करेंगे।


