स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) पर प्रसारित हुई सैन्य डॉक्यू-सीरीज ‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ (Declassified: Operation Sindoor) को लेकर पाकिस्तान में भारी बौखलाहट और खलबली देखने को मिल रही है। भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई पर आधारित इस सीरीज के रिलीज होने के बाद पाकिस्तानी सेना का आधिकारिक मीडिया विंग (ISPR) देर रात बयान जारी करने पर मजबूर हो गया।
क्या है पूरा मामला? मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 88 घंटे तक चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम देकर सीमा पार और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। Discovery और discovery+ पर रिलीज हुई दो भागों की इस डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, तत्कालीन थल सेना प्रमुख, वायु सेना प्रमुख और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के विशेष साक्षात्कार दिखाए गए हैं। इसमें खुलासा किया गया है कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त निर्देशों के बाद भारतीय वायु सेना, सेना और नौसेना ने मिलकर इस सटीक ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पाकिस्तान की बौखलाहट के मुख्य कारण
- तथ्यों को नकारने की कोशिश: पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने देर रात (तड़के 2 बजे) सोशल मीडिया पर आकर इस डॉक्यूमेंट्री को “बॉलीवुड स्टाइल” और “मनगढ़ंत ड्रामा” करार दिया।
- अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास: पाकिस्तान का दावा है कि भारत इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए अपनी सैन्य विफलताओं को छुपा रहा है और इतिहास बदलने की कोशिश कर रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब होना: डोभाल और अन्य शीर्ष अधिकारियों द्वारा पेश किए गए ठोस खुफिया सबूतों, लक्ष्य निर्धारण (Target Mapping) और एयर स्ट्राइक के ब्योरे से पाकिस्तान का वैश्विक मंच पर पर्दाफाश हो गया है।
भारत का रुख डॉक्यूमेंट्री में एनएसए अजीत डोभाल ने साफ कहा है कि भारत का धैर्य और सहनशीलता उसकी कमजोरी नहीं है। भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने और जोखिम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ऑपरेशन की सफलता और इस डॉक्यू-सीरीज के जरिए दुनिया के सामने आए सच ने पाकिस्तान के झूठ के नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिससे वहां के सैन्य नेतृत्व में तिलमिलाहट साफ दिखाई दे रही है।


