भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने अपनी फिरकी के जादू से इंग्लैंड के घरेलू वन-डे कप (Metro Bank One Day Cup) में तहलका मचा रखा है। नॉर्थहैम्पटनशायर (Northamptonshire) के लिए खेलते हुए चहल ने अपनी धारदार और किफायती गेंदबाजी के दम पर भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींच लिया है। वहीं भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की अपनी इच्छा जाहिर करते हुए स्पष्ट किया है कि वे देश के लिए दोबारा खेलने को पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से नीली जर्सी से दूर चल रहे भुवनेश्वर ने कहा कि अगर चयनकर्ता उन्हें बुलावा भेजते हैं, तो वे इस मौके को सहर्ष स्वीकार करेंगे।
समरसेट के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन
समरसेट के खिलाफ खेले गए मुकाबले में चहल ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से विपक्षी टीम के मध्य और निचले क्रम की कमर तोड़ दी: चहल ने अपने 10 ओवर के स्पैल में महज 35 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनकी इस फिरकी के बदौलत समरसेट की पूरी टीम 47 ओवरों में मात्र 185 रनों पर ढेर हो गई, जिसे नॉर्थहैम्पटनशायर ने आसानी से हासिल कर लिया।
टूर्नामेंट के सबसे सफल विदेशी गेंदबाज
इंग्लैंड की परिस्थितियों में भी अपनी गेंदों को सटीक ग्रिप और टर्न कराते हुए चहल इस प्रतियोगिता के सबसे सफल विदेशी गेंदबाज बनकर उभरे हैं। वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों और आगामी सीमित ओवरों की श्रृंखलाओं को देखते हुए चहल का यह प्रदर्शन काफी मायने रखता है। हालांकि वर्तमान में भारतीय टीम प्रबंधन कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल जैसे स्पिनरों पर भरोसा जता रहा है, लेकिन चहल का अनुभव और विकेट चटकाने की निरंतर क्षमता उन्हें हमेशा एक मजबूत विकल्प बनाए रखती है। फैंस और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम में उनकी वापसी के रास्ते दोबारा खोल सकती है।
‘कॉल आए तो मना क्यों करूंगा?’
जब भुवनेश्वर से टीम इंडिया में वापसी और आगामी वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “अगर मुझे टीम इंडिया से कॉल आता है तो मैं भला मना क्यों करूंगा? मैं वापसी के लिए बिल्कुल तैयार हूं।” स्विंग के जादूगर कहे जाने वाले भुवनेश्वर ने कहा कि वे अपनी फिटनेस और गेंदबाजी पर लगातार काम कर रहे हैं ताकि घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
टीम इंडिया के लिए अनुभव का महत्व
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2022 में खेला था। नई गेंद से दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता और डेथ ओवरों में उनकी कसी हुई गेंदबाजी का अनुभव आज भी भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। यदि चयनकर्ता अनुभव को प्राथमिकता देते हैं, तो भुवनेश्वर एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।


