बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों बड़े बजट और बड़े सितारों वाली फिल्मों के बीच एक कम बजट की आध्यात्मिक फिल्म ने ऐसा उलटफेर किया है, जिसने ट्रेड और दर्शकों दोनों का ध्यान खींच लिया है। नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित ‘हनुमान अंश’ रिलीज के 27वें दिन भी मजबूती से टिकी हुई है। फिल्म ने बुधवार को यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Toxic’ को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया।
51 साल बाद फिर दिखा वही इतिहास
‘हनुमान अंश’ की तुलना अब 51 साल पहले रिलीज हुई भक्तिमय क्लासिक ‘जय संतोषी मां’ से की जा रही है। 1975 में आई इस कम बजट की फिल्म ने उस दौर की ब्लॉकबस्टर ‘शोले’ को कड़ी टक्कर दी थी और करीब 1650 प्रतिशत मुनाफा कमाया था। अब ‘हनुमान अंश’ ने भी कम बजट के बावजूद शानदार कमाई कर इस पुराने रिकॉर्ड की याद ताजा कर दी है।
दिलचस्प बात यह है कि ‘हनुमान अंश’ की शुरुआत बेहद धीमी रही थी। शुरुआती दिनों में फिल्म को सीमित स्क्रीन और महज कुछ सौ शोज मिले। पहले दिन इसकी कमाई करीब 10-20 लाख रुपये के आसपास रही और बाद में कई दिनों तक कलेक्शन लाखों में ही सिमटा रहा। इसके बावजूद दर्शकों के बीच धीरे-धीरे फिल्म की चर्चा बढ़ती गई और तीसरे सप्ताह से इसकी कमाई ने अचानक रफ्तार पकड़ ली।
27वें दिन भी करोड़ों की कमाई
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने 22वें दिन से जबरदस्त उछाल दर्ज किया। 25वें दिन इसने ₹12.75 करोड़ कमाए, जबकि मंगलवार को ₹8.50 करोड़ का कलेक्शन किया। रिलीज के 27वें दिन बुधवार को भी फिल्म ने करीब ₹7.25 करोड़ की कमाई की। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग ₹2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म का नेट कलेक्शन ₹61.38 करोड़ तक पहुंच चुका था, जबकि बुधवार को 7,037 शोज के साथ इसका इंडिया ग्रॉस कलेक्शन ₹72.32 करोड़ बताया गया।
‘Toxic’ जैसे बड़े बजट की फिल्म को दी टक्कर
दूसरी ओर, यश स्टारर ‘Toxic’ बड़े बजट और स्टार पावर के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक रफ्तार कायम नहीं रख पाई। रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन ₹101.10 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था, लेकिन आठवें दिन बुधवार को यह आंकड़ा घटकर करीब ₹5.10 करोड़ रह गया। अब तक फिल्म का नेट कलेक्शन ₹234.70 करोड़ और वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹322 करोड़ बताया गया है।
आखिर क्यों पसंद आ रही ‘हनुमान अंश’?
फिल्म की कहानी 12 वर्षीय लक्ष्मी नारायण शर्मा के जीवन पर केंद्रित है, जो आगे चलकर नीम करोली बाबा के नाम से प्रसिद्ध होते हैं। मां के निधन के बाद ईश्वर की तलाश में घर छोड़ने से शुरू हुई उनकी यात्रा उन्हें भक्ति, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा की ओर ले जाती है। फिल्म इसी आध्यात्मिक यात्रा को पर्दे पर पेश करती है।
कम बजट, सीमित प्रचार और शुरुआती धीमी कमाई के बावजूद ‘हनुमान अंश’ का इस तरह आगे निकलना एक बार फिर बताता है कि बॉक्स ऑफिस पर कभी-कभी कहानी, विषय और दर्शकों का जुड़ाव बड़े बजट और स्टार पावर पर भारी पड़ सकता है।


