पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के नाओदा निर्वाचन क्षेत्र में जबरदस्त हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। यहां सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई है।
पथराव, तोड़फोड़ और लाठीचार्ज
घटना की शुरुआत तब हुई जब AJUP संस्थापक और उम्मीदवार हुमायूं कबीर नाओदा के शिवनगर इलाके में एक मतदान केंद्र का दौरा करने पहुंचे। वहां मौजूद टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और “वापस जाओ” के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया:
- वाहनों पर हमला: उग्र भीड़ ने हुमायूं कबीर के काफिले पर पथराव किया, जिससे कई गाड़ियों के शीशे टूट गए।
- हिंसक संघर्ष: दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठियां चलीं, जिसमें कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है।
- बमबाजी की खबरें: स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में दहशत फैलाने के लिए रात से ही कुछ स्थानों पर क्रूड बम फेंके गए थे।
हुमायूं कबीर का गंभीर आरोप
हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने उनके 27 उम्मीदवारों को 9 से 30 लाख रुपये देकर ‘खरीद’ लिया है ताकि वे चुनाव मैदान से हट जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बूथ स्तर के अध्यक्षों को भी डराया-धमकाया जा रहा है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई
बढ़ते बवाल को देखते हुए मौके पर तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। चुनाव आयोग ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और मतदान प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।


