प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा (06 से 08 जुलाई 2026) भारत और इंडोनेशिया के रणनीतिक, सैन्य और तकनीकी संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित हुई है। जकार्ता के इस्ताना मरडेका (राष्ट्रपति भवन) में पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, फिनटेक और डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर कई ऐतिहासिक समझौते किए गए हैं।
EVM-UPI और ब्रह्मोस मिसाइल पर ऐतिहासिक करार
भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने तकनीकी और रक्षा क्षेत्र में अपनी साझा ताकत का प्रदर्शन किया:
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI & EVM): भारत के फिनटेक मॉडल को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को इंडोनेशिया में लागू करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, पारदर्शी चुनाव प्रणाली के लिए भारत की EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) तकनीक को लेकर भी महत्वपूर्ण साझा समझौता हुआ है।
- ब्रह्मोस मिसाइल रक्षा सौदा: फिलीपींस के बाद अब इंडोनेशिया के साथ भी भारत की अत्याधुनिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति को लेकर रणनीतिक रक्षा समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों देश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर मिलकर काम करेंगे।
- साझा ताकत पर पीएम का बयान: इस ऐतिहासिक साझेदारी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया केवल समुद्री पड़ोसी ही नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के दो मजबूत स्तंभ हैं। दोनों देशों की बढ़ती साझा ताकत वैश्विक तनावों के बीच नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
यात्रा के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंगतांग रिपब्लिक इंडोनेशिया आदिपूर्ण’ (Bintang Republik Indonesia Adipurna – Star of the Republic of Indonesia, First Class) से सम्मानित किया।
- सम्मान की महत्ता: साल 1959 में शुरू किया गया यह पदक किसी भी व्यक्ति को इंडोनेशिया की एकता, निरंतरता और समृद्धि में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान पीएम मोदी के वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव और दोनों देशों के रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में बदलने के प्रयासों को दर्शाता है।
वैश्विक सम्मान का कीर्तिमान: इस मेडल के साथ ही पीएम मोदी को अब तक दुनिया के विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से 30 से अधिक सर्वोच्च सम्मान व मेडल मिल चुके हैं, जो किसी भी भारतीय नेता के लिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
सम्मान मिलने पर क्या बोले प्रधानमंत्री?
सर्वोच्च सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद भावुक और गरिमामय बयान जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए कहा:
“यह सम्मान अकेले मेरा नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों नागरिकों का है। यह पुरस्कार इंडोनेशिया के लोगों की सद्भावना और दोनों देशों के बीच हजारों साल पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आत्मीय संबंधों का प्रतीक है। मैं इस अद्वितीय सम्मान के लिए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो, वहां की सरकार और इंडोनेशिया की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
वार्ता के अंत में दोनों नेताओं ने रवींद्रनाथ टैगोर के सांस्कृतिक विचारों और दोनों देशों के साझा रामायण-महाभारत के ऐतिहासिक बंधनों को याद करते हुए व्यापारिक और खनिज (Mineral) सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।


