मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेत्री और प्रसिद्ध लावणी कलाकार मधु कांबीकर का 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 12 अक्टूबर 2026 को पुणे में अंतिम सांस ली। उनके निधन से मराठी सिनेमा, रंगमंच और लोककला जगत में शोक की लहर है। मधु कांबीकर ने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। उन्हें खास तौर पर फिल्मों में मां और सास की भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। हिंदी फिल्म ‘हम दोनों’ में भी वह नजर आई थीं।
नाना पाटेकर के साथ रहा फिल्मों का जुड़ाव
मधु कांबीकर ने कई फिल्मों में अभिनेता नाना पाटेकर की मां और सास की भूमिका निभाई थी। पर्दे पर अपने सहज अभिनय से उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। उनका निधन ऐसे समय हुआ है, जब नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म जगत शोक में है। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के डोंजे में किया गया था। मधु कांबीकर ने उनसे दो साल छोटी उम्र में दुनिया को अलविदा कहा।
लावणी और लोककला से शुरू हुआ सफर
मधु कांबीकर की पहचान सिर्फ फिल्म अभिनेत्री के रूप में नहीं थी। वह महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी की भी प्रतिष्ठित कलाकार थीं। उन्होंने अपने कला-सफर की शुरुआत तमाशा और मंचीय प्रस्तुतियों से की। इसके बाद वह मराठी फिल्मों, व्यावसायिक थिएटर, लोकनाट्य और टेलीविजन धारावाहिकों में सक्रिय हुईं। उनकी अदाकारी में सहजता और किरदारों को वास्तविक रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता थी। उन्होंने अपने अभिनय से कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच जगह बनाई।
‘शापित’ से मिली खास पहचान
निर्देशक राजदत्त की फिल्म ‘शापित’ में उनके अभिनय को खास सराहना मिली। इसके अलावा वह ‘हेच माझा माहेर’, ‘रघुमैना’, ‘एक होता विदूषक’, ‘झपटलेला’, ‘देबू’ और ‘येऊ का घरात’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। हिंदी फिल्म ‘हम दोनों’ में भी उन्होंने अभिनय किया था। मधु कांबीकर ने फिल्मों के साथ रंगमंच और टेलीविजन में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। उनके काम ने मराठी मनोरंजन जगत में उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
स्ट्रोक के बाद अभिनय से हो गई थीं दूर
नवंबर 2016 में मुंबई में एक लावणी कार्यक्रम के बाद मधु कांबीकर को स्ट्रोक आया था। बताया जाता है कि वह करीब 12 साल के अंतराल के बाद मंच पर नृत्य करने लौटी थीं। कार्यक्रम के दौरान तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने अपनी प्रस्तुति पूरी की, लेकिन इसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। स्ट्रोक और उसके बाद की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उनका मंच और फिल्मों से जुड़ाव कम हो गया। वर्ष 2018 में उन्हें जी चित्र गौरव अवॉर्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान के लिए चुना गया था। स्वास्थ्य कारणों से वह समारोह में शामिल नहीं हो सकीं और उनकी ओर से उनकी बहू ने सम्मान ग्रहण किया। मधु कांबीकर का निधन मराठी सिनेमा के साथ महाराष्ट्र की लोककलाओं के लिए भी बड़ी क्षति है। अभिनय और लावणी के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।


