भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट रोमांचक मुकाबले के बाद ड्रॉ पर समाप्त हुआ। आखिरी दिन भारतीय टीम को जीत के लिए श्रीलंका के चार विकेट चाहिए थे, लेकिन मेजबान बल्लेबाजों ने शानदार धैर्य दिखाते हुए भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी 429 रन पर नौ विकेट के नुकसान पर घोषित की, जिसके बाद दोनों टीमों की सहमति से मुकाबला ड्रॉ कर दिया गया।
हालांकि, इस नतीजे के बावजूद भारत को निराश होने की जरूरत नहीं है। पहले टेस्ट में 165 रन की जीत के आधार पर टीम इंडिया ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। शुभमन गिल की कप्तानी में यह भारत की पहली विदेशी टेस्ट सीरीज जीत भी है।
सोनल दिनुषा बने श्रीलंका की दीवार
मैच के आखिरी दिन श्रीलंका की उम्मीदों का सबसे बड़ा सहारा सोनल दिनुषा रहे। उन्होंने नाबाद 133 रन की बेहद संयमित पारी खेली और भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता से दूर रखा। दिनुषा ने 264 गेंदों का सामना किया और लगभग सात घंटे तक क्रीज पर टिके रहे।
उनकी यह पारी सिर्फ मैच बचाने वाली नहीं थी, बल्कि रिकॉर्डों के लिहाज से भी खास रही। दिनुषा ने इस टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाया और फॉलोऑन के बाद एक ही मैच में दो शतक बनाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए। इससे पहले यह उपलब्धि भारत के विजय हजारे और जिम्बाब्वे के एंडी फ्लावर के नाम थी।
साझेदारियों ने बिगाड़ा भारत का समीकरण
श्रीलंका ने पांचवें दिन 229/6 से अपनी पारी आगे बढ़ाई। उस समय भारत की जीत मजबूत नजर आ रही थी, लेकिन दिनुषा और केशरा नुवंथा ने सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़कर मुकाबले की दिशा बदल दी। नुवंथा ने 46 रन की अहम पारी खेली।
इसके बाद भी दिनुषा ने संघर्ष जारी रखा। प्रबाथ जयसूर्या और फिर लाहिरु कुमारा के साथ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां करते हुए उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को लगातार परेशान किया। नौवें विकेट के लिए दिनुषा और कुमारा ने 47 रन जोड़कर मैच को भारत की पकड़ से लगभग बाहर कर दिया।
भारतीय गेंदबाजों ने किया पूरा प्रयास
भारत की ओर से मनव सुथार और रवींद्र जडेजा ने तीन-तीन विकेट लिए। भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी दिन लगातार दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन श्रीलंका के निचले क्रम ने अनुशासित बल्लेबाजी की। विकेट हासिल करने के लिए भारतीय टीम को लंबे स्पेल कराने पड़े और अंत में गेंदबाजों की थकान भी साफ दिखाई दी।
दूसरे टेस्ट के ड्रॉ ने भारतीय टीम के सामने कुछ सवाल जरूर छोड़े हैं। पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बावजूद जीत तक न पहुंच पाना टीम के लिए सोचने का विषय होगा। फिर भी सीरीज जीत के साथ भारत ने दौरे का समापन सकारात्मक अंदाज में किया।
कोलंबो टेस्ट भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन सोनल दिनुषा की जुझारू बल्लेबाजी ने इसे लंबे समय तक यादगार बना दिया। वहीं, भारत ने 1-0 से सीरीज जीतकर विदेशी धरती पर अपनी टेस्ट ताकत का मजबूत संदेश दिया।


