रक्षाबंधन (28 अगस्त 2026) पर सावन पूर्णिमा की तिथि सुबह 9 बजकर 49 मिनट तक ही मान्य रहेगी। ऐसे में बहनों को सुबह के शुभ समय में ही भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने की सलाह दी जाती है।
राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त
- पूर्णिमा तिथि समापन: 28 अगस्त 2026, सुबह 9:49 बजे तक।
- सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:49 बजे तक (अवधि: लगभग 3 घंटे 52 मिनट)।
28 अगस्त के चौघड़िया मुहूर्त (Rakhi Shubh Choghadiya)
यदि आप चौघड़िया के अनुसार राखी बांधना चाहते हैं, तो निम्नलिखित शुभ समय उपलब्ध हैं:
- चल चौघड़िया: सुबह 5:57 बजे से 7:33 बजे तक
- लाभ चौघड़िया: सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक
- अमृत चौघड़िया: सुबह 9:10 बजे से 10:46 बजे तक
- शुभ चौघड़िया (दोपहर): दोपहर 12:22 बजे से 1:58 बजे तक
किस समय राखी न बांधें? (अशुभ समय)
राखी बांधते समय अशुभ काल और राहुकाल का विचार अवश्य करें। नीचे दिए गए समय में राखी बांधने से बचें:
- राहुकाल: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
- रोग चौघड़िया: दोपहर 1:58 बजे से 3:35 बजे तक।
- उद्वेग चौघड़िया: दोपहर 3:35 बजे से शाम 7:11 बजे तक।
चंद्रग्रहण को लेकर भ्रम दूर करें
इस बार रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण का संयोग भी बन रहा है। हालांकि, ज्योतिषियों के अनुसार यह चंद्रग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल या ग्रहण काल मान्य नहीं है। आप बिना किसी संशय के प्रातःकालीन शुभ मुहूर्त (सुबह 9:49 से पहले) में राखी बांधने की रस्म संपन्न कर सकते हैं।


