भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के दौरान 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सीरीज के दूसरे टी20 मुकाबले से ठीक पहले वैभव की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्रिप्टिक (रहस्यमयी) पोस्ट के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि ब्रिस्टल में होने वाले दूसरे मैच में वे नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतर सकते हैं।
क्या था वैभव सूर्यवंशी की पोस्ट में?
यूनाइटेड किंगडम (UK) के इस दौरे पर भारतीय टीम के साथ लगातार ट्रेवल कर रहे वैभव सूर्यवंशी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी शेयर की।
- ‘न्यू चैप्टर’ (New Chapter): वैभव ने इंडिया अंडर-19 जर्सी में अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा— “न्यू चैप्टर” (नया अध्याय)।
- फैंस में उत्सुकता: इस दो शब्दों के कैप्शन ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। फैंस और क्रिकेट विश्लेषक इसे सीनियर भारतीय टीम के लिए उनके आगामी डेब्यू के बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं।
डेब्यू की राह में क्यों बनी हुई है चर्चा?
वैभव सूर्यवंशी को उनके शानदार घरेलू प्रदर्शन और आईपीएल (IPL) में दिखाए गए बेहतरीन खेल के दम पर टीम इंडिया का पहला बुलावा मिला था। हालांकि, इस दौरे पर अब तक खेले गए तीन मैचों (दो आयरलैंड के खिलाफ और पहला इंग्लैंड के खिलाफ) में उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ा है।
अब दूसरे टी20 में उनके चयन की मांग इसलिए भी उठ रही है क्योंकि शीर्ष क्रम में संजू सैमसन का हालिया फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। सैमसन पिछली तीन पारियों में क्रमशः 5, 0 और 1 रन ही बना सके हैं। ऐसे में बाएं हाथ के इस युवा ओपनर को आजमाने की बहस तेज हो गई है।
टीम मैनेजमेंट और बॉलिंग कोच का क्या है रुख?
भले ही सोशल मीडिया पर वैभव के डेब्यू को लेकर माहौल गर्म हो, लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट जल्दबाजी के मूड में नजर नहीं आ रहा है। मैच से पूर्व संध्या पर भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल (Morne Morkel) ने साफ कियाकि टीम फिलहाल अपने स्थापित खिलाड़ियों का समर्थन करेगी। मोर्ने मोर्कल का बयान: “हमें इस बात का सम्मान करना होगा कि हमारे पास शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हैं। सैमसन ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था और वे विश्व कप टीम का हिस्सा भी थे। कोचिंग स्टाफ के तौर पर हमारा यह फर्ज है कि हम अपने खिलाड़ियों पर भरोसा और समर्थन दिखाएं।”
मोर्कल ने वैभव की तारीफ करते हुए आगे कहा, “वह (वैभव) सिर्फ 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय नेट सत्र में बिना किसी डर के खेल रहा है, जो बेहद प्रभावशाली है। वह टीम में बहुत अच्छी तरह घुल-मिल गया है। जब भी उसे मौका मिलेगा, वह पूरी तरह तैयार रहेगा।”
अंतिम फैसला टॉस के समय
कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की देखरेख में टीम इंडिया युवाओं को मौका देने के लिए जानी जाती है, लेकिन सीनियर खिलाड़ियों के रहते वैभव को अंतिम एकादश (Playing XI) में जगह मिलती है या नहीं, यह ब्रिस्टल में टॉस के समय ही साफ हो पाएगा।


