प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के पचपदरा (बालोतरा) में 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं और देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने इस ऐतिहासिक संबोधन में पीएम मोदी ने वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए भारत की मजबूत विदेश नीति और वैश्विक रणनीतिक संबंधों पर खुलकर बात की।
पीएम मोदी ने भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक युद्धों के दौर का हवाला देते हुए कहा कि संकट के समय भारत की कूटनीति और दूसरे देशों के साथ मजबूत दोस्ती ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
दुनिया ने कई बड़े संकट और युद्ध देखे
प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल की आपूर्ति और वैश्विक प्रतिबंधों के दौर का स्मरण करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया ने कई बड़े संकट और युद्ध देखे हैं, जिसकी वजह से दुनिया भर में सप्लाई चेन ठप हो गई थी। उन्होंने कहा:
“हाल के समय में जब दुनिया भर में तनाव का माहौल था और कच्चे तेल के आयात के पारंपरिक रास्ते लगभग बंद हो गए थे, तब भारत की दूसरे देशों के साथ की गई दोस्ती और हमारी मजबूत विदेश नीति बहुत काम आई। हमने अपने देश के नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखा और संकट के बावजूद भारत में ईंधन और ऊर्जा की कमी नहीं होने दी।”
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी का यह इशारा रूस-यूक्रेन युद्ध और हालिया मध्य पूर्व (West Asia) संकट के दौरान भारत द्वारा सूझबूझ से उठाए गए कदमों की तरफ था, जहां भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपने आर्थिक हितों की रक्षा की।
आत्मनिर्भरता ही संकट का असली समाधान
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय विदेशी मित्रों की मदद मिलना सुखद है, लेकिन कोई भी देश दूसरों के भरोसे हमेशा सुरक्षित नहीं रह सकता। यही वजह है कि भारत अब आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पचपदरा रिफाइनरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी भारत को पेट्रोकेमिकल और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। अब भारत न केवल कच्चे तेल को रिकॉर्ड क्षमता के साथ साफ करेगा, बल्कि यहां बनने वाले उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोकेमिकल्स से देश में ही नए उद्योगों का जाल बिछेगा।
राजस्थान को दी विकास की ‘गारंटी’
रिफाइनरी के अलावा, प्रधानमंत्री ने राजस्थान के युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र (Job Letters) भी सौंपे। उन्होंने कहा कि आज का दिन राजस्थान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो रहा है क्योंकि एक ही दिन में इतनी विशाल राशि (1.06 लाख करोड़ रुपये) की परियोजनाओं को जमीन पर उतारा गया है।
उन्होंने जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल, नई सड़कों और बिजली ट्रांसमिशन ग्रिडों का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार राजस्थान के कोने-कोने तक आधुनिक बुनियादी ढांचा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे मारवाड़ सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन और व्यापार को एक नई गति मिलेगी।


