उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक बार फिर भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसी दौरान एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और आगे बढ़ रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून के आपस में टकराने के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
प्रमुख राज्यों में मौसम का हाल और अलर्ट (State-wise Weather Alert)
| क्षेत्र/राज्य | मौसम की स्थिति | आईएमडी अलर्ट (IMD Alert) |
|---|---|---|
| दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत | तापमान में बढ़ोतरी, उमस भरी गर्मी | शुरुआती दिनों में शुष्क मौसम, बाद में गरज-चमक के साथ बौछारें |
| हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड | पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर | भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट |
| पूर्वोत्तर राज्य, असम और मेघालय | मानसूनी हवाओं की सक्रियता | अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट |
| उत्तर प्रदेश और बिहार | मानसून का धीरे-धीरे आगे बढ़ना | तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी |
उत्तर-पश्चिम में बढ़ेगी उमस, पहाड़ों पर भारी आफत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान चिलचिलाती धूप और उमस के कारण पारा चढ़ेगा। कुछ स्थानों पर तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है।
लेकिन इस गर्मी के बीच पहाड़ों पर रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की गई है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ क्षेत्र में सक्रिय हो रहा है, जो अरब सागर से आ रही मानसूनी हवाओं के साथ मिलकर भारी नमी पैदा करेगा। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में 27 से 29 जून के दौरान मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने भूस्खलन (landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) के खतरे को देखते हुए इन राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर में ‘रेड अलर्ट’, मैदानी राज्यों में मानसून की रफ्तार
एक तरफ जहां उत्तर-पश्चिम भारत गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह से तबाही मचाने पर आमादा है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। आईएमडी ने इन क्षेत्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए अगले तीन दिनों तक बेहद सतर्क रहने को कहा है।
मैदानी इलाकों में राहत की उम्मीद
उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम में तापमान बढ़ने के बाद बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र (low-pressure area) मानसून को तेजी से आगे खींचने में मदद करेगा। जून के अंत और जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।


