अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के बाद, ईरान से मिली गंभीर और विश्वसनीय हत्या की धमकी के बीच राष्ट्रपति ट्रंप को एक बेहद गुप्त ऑपरेशन के जरिए तुर्किये से सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
कैटरिंग ट्रक और गुप्त विमान का इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जुलाई 2026 को अंकारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कैमरों और मीडिया के सामने राष्ट्रपति ट्रंप अपने पारंपरिक नीले और सफेद रंग के बड़े एयरफोर्स वन (बोइंग 747) विमान में चढ़े। हालांकि, इसके कुछ ही मिनटों बाद एक चौंकाने वाले सुरक्षा ऑपरेशन को अंजाम दिया गया:
- गुप्त स्थानांतरण: विमान की मुख्य सीढ़ियों के विपरीत दिशा में खड़े एक हवाई अड्डे के कैटरिंग ट्रक (भोजन और सामान पहुंचाने वाले कंटेनर वाहन) का इस्तेमाल किया गया। ट्रक के हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को विमान के दरवाजे तक उठाया गया, जिससे ट्रंप और उनके कुछ प्रमुख सहयोगी बिना किसी की नजर में आए बाहर निकल सके।
- छोटे विमान में रवानगी: कैटरिंग ट्रक का उपयोग करके ट्रंप को रनवे पर पास ही खड़े अमेरिकी वायुसेना के छोटे सैन्य विमान C-32A (रूपांतरित बोइंग 757) में पहुंचाया गया।
- चकमा देने की रणनीति (Decoy Operation): मुख्य एयरफोर्स वन बोइंग 747 विमान को दुश्मन और संभावित हमलावरों को चकमा देने के लिए एक ‘डिस्कॉय’ के रूप में उड़ाया गया।
मीडिया और स्टाफ को रखा गया अनजान
इस ऑपरेशन को इतना गोपनीय रखा गया था कि राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों और यहां तक कि व्हाइट हाउस के कई अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लगी। बोइंग 747 में मौजूद पत्रकारों को उड़ान के दौरान खिड़कियों के शेड्स (पर्दे) बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।
दोनों विमानों ने तुर्किये से ब्रिटेन के आरएएफ मिल्डनहॉल (RAF Mildenhall) एयरबेस के लिए उड़ान भरी और कुछ ही मिनटों के अंतराल पर वहां पहुंचे। ब्रिटेन पहुंचने पर ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आकर अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की।
ईरान से बढ़ा तनाव और सुरक्षा वजहें
यह गुप्त ऑपरेशन अमेरिका और ईरान के बीच बेहद तनावपूर्ण माहौल के दौरान हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति के लिए यह असाधारण कदम उठाया।
उल्लेखनीय है कि ऐसी ही रणनीति वर्ष 2000 में भी अपनाई गई थी, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पाकिस्तान की यात्रा के दौरान अपने मुख्य एयरफोर्स वन को चकमा देने के लिए एक बिना पहचान वाले छोटे विमान का इस्तेमाल किया था।
व्हाइट हाउस का बयान
व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने विशिष्ट विवरणों पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति ने हाल ही में कहा है, अमेरिका के कई दुश्मन उन पर नजर गड़ाए हुए हैं। उनकी और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अपनी क्षमता के हर उपकरण और रणनीति का उपयोग करता है।”


