ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ताजा घटनाक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सुरक्षा बलों को एक कड़ा अल्टीमेटम दिया है और ईरानी राजनयिकों से एक खास अपील की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC), नियमित सेना और पुलिस बल को सीधा संदेश दिया। ट्रंप ने ईरानी सुरक्षा बलों से अपील की है कि वे अपने हथियार डाल दें और अपने देश को वापस पाने में जनता की मदद करें।
- उन्होंने वादा किया कि जो सैनिक हथियार डालेंगे, उन्हें अभयदान (Immunity) दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो ऐसा नहीं करेंगे, उनके लिए ‘निश्चित मौत’ तय है क्योंकि अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहेंगे।
2. राजनयिकों से बड़ी अपील: ‘शरण मांगें’
ट्रंप ने दुनिया भर में तैनात ईरानी राजनयिकों के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है:
- राजनीतिक शरण (Asylum): उन्होंने ईरानी राजनयिकों से अपील की है कि वे जिस भी देश में हैं, वहां राजनीतिक शरण मांगें।
- नया ईरान बनाने का आह्वान: ट्रंप ने उनसे आग्रह किया कि वे वर्तमान शासन का साथ छोड़ें और एक “नए और बेहतर ईरान” के निर्माण में मदद करें।
3. सैन्य स्थिति पर ट्रंप के दावे
युद्ध के छठे दिन ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरानी सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचाया है:
- मिसाइल और नेवी: ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना (Navy) खत्म हो चुकी है और उनकी लगभग 60% मिसाइलें और 64% मिसाइल लॉन्चर्स तबाह कर दिए गए हैं।
- एयर डिफेंस: उन्होंने दावा किया कि अब ईरान के पास न तो वायु सेना बची है और न ही प्रभावी हवाई सुरक्षा (Air Defense)।
युद्ध की पृष्ठभूमि
यह तनाव 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए, जिसमें कथित तौर पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई सैन्य कमांडर मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों और इजरायल पर मिसाइलें दागीं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि ईरान बातचीत के लिए संपर्क कर रहा है, लेकिन उन्होंने इसे “बहुत देर हो चुकी” (Too Late) करार दिया है।


