चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले सप्ताह अमेरिका के राजकीय दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचेंगे। इस दौरे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक खास प्रोटोकॉल अपनाने का फैसला किया है। ट्रंप खुद जिनपिंग का ज्वाइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पर स्वागत करेंगे। किसी विदेशी नेता का अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत करना सामान्य प्रोटोकॉल से अलग माना जाता है। जिनपिंग के बुधवार को पहुंचने की उम्मीद है, जबकि दोनों नेताओं के बीच मुख्य बातचीत गुरुवार 24 सितंबर को होगी।
व्हाइट हाउस में होगा भव्य स्वागत
जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के लिए व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद ट्रंप और जिनपिंग रोज गार्डन में सैन्य परेड का निरीक्षण करेंगे और फिर बंद कमरे में द्विपक्षीय बातचीत होगी। शाम को ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप चीनी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज देंगे।
यह जिनपिंग की एक दशक से अधिक समय बाद अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले उन्होंने सितंबर 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अमेरिका की स्टेट विजिट की थी।
व्यापार तनाव सबसे बड़ा मुद्दा
बैठक में सबसे अहम मुद्दों में अमेरिका-चीन व्यापार और टैरिफ शामिल रहेंगे। दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में टैरिफ को लेकर लंबा विवाद चला है। अब दोनों पक्ष कुछ गैर-रणनीतिक वस्तुओं पर शुल्क कम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, संभावित राहत सीमित दायरे की वस्तुओं तक हो सकती है।
नवंबर में मौजूदा व्यापार समझौते की अवधि खत्म होने वाली है। ऐसे में दोनों देशों के बीच टैरिफ संघर्ष दोबारा बढ़ने से रोकना बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। अमेरिका चीन से अमेरिकी कृषि उत्पादों और बोइंग विमानों की खरीद बढ़ाने की उम्मीद भी कर रहा है, जबकि चीन तकनीकी प्रतिबंधों में राहत चाहता है।
रेयर अर्थ और एआई पर भी नजर
रेयर अर्थ मिनरल्स भी बातचीत का बड़ा विषय होंगे। ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। चीन इन खनिजों का प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता है और अमेरिका चाहता है कि इनकी आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिर बनी रहे। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन फिलहाल रेयर अर्थ से जुड़े अपने निर्यात नियंत्रणों में बड़ी ढील देने की तैयारी में नहीं है।
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी चर्चा होगी। दोनों देश एआई में तकनीकी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, लेकिन इसके जोखिमों और संभावित सहयोग पर बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है।
ताइवान और ईरान भी एजेंडे में
व्यापार के साथ ताइवान और ईरान जैसे संवेदनशील मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद हैं। वहीं ईरान के साथ चीन के आर्थिक संबंध और तेल व्यापार भी वॉशिंगटन के लिए अहम मुद्दा हैं।
क्या घटेगा व्यापार तनाव?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बैठक के बाद अमेरिका-चीन व्यापार तनाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। हालांकि सीमित टैरिफ राहत, रेयर अर्थ की आपूर्ति और व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर बातचीत से तनाव कम करने की दिशा में कदम उठ सकता है। अंतिम परिणाम दोनों नेताओं की बातचीत और उसके बाद होने वाले समझौतों पर निर्भर करेगा।


