भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ लू (Heatwave) झेल रहे देश के एक बड़े हिस्से के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम में बड़े बदलाव (Weather U-turn) का पूर्वानुमान जारी किया है। अगले 3 दिनों तक देश के कम से कम 15 राज्यों में तेज आंधी, धूल भरे तूफान, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर: मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’ दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है।
- तापमान में गिरावट: पिछले दिनों 45 डिग्री के पार पहुंच चुकी दिल्ली का अधिकतम तापमान अब गिरकर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
- तूफान की रफ्तार: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में ओले (Hailstorm) गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मध्य प्रदेश (MP): लू के साथ ओलावृष्टि का डबल अटैक मध्य प्रदेश में मौसम का मिलाजुला और अजीब रुख देखने को मिल रहा है।
- एक तरफ राहत, एक तरफ लू: आईएमडी के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी लू (Heatwave) का असर बना रहेगा और भोपाल जैसे शहरों में तापमान 41 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
- आंधी और ओले: दूसरी तरफ, राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि (ओले गिरने) का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन 15 राज्यों में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने जिन प्रमुख राज्यों में अगले 3 दिनों तक आंधी-बारिश की चेतावनी दी है, उनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और केरल शामिल हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा उत्तर प्रदेश (विशेषकर पश्चिमी यूपी) में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ‘विनाशकारी आंधी’ (Thundersquall) और भारी बारिश का अलर्ट है।
मशहूर हिल स्टेशन्स के लिए एडवाइजरी गर्मियों की छुट्टियों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की ओर रुख करने वाले पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण अचानक भूस्खलन (Landslide) और मडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। वहीं, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।


