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    मौसम: भारी बारिश, आंधी-ओले का अलर्ट; कई राज्यों में मानसून आगे बढ़ने के आसार

    देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक नए सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। जहां पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में आंधी-ओले की चेतावनी जारी की गई है।

    पूर्वोत्तर में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’

    मौसम विभाग ने असम, मेघालय और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका के चलते ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

    • इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर (mm) तक बारिश दर्ज हो सकती है।
    • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

    उत्तर-पश्चिम भारत: आंधी, बिजली और ओलावृष्टि

    18 जून से सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में मौसम उग्र रहने का अनुमान है:

    • पंजाब और हरियाणा: गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और प्री-मानसून बारिश की संभावना है।
    • हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में भी ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट है।
    • दिल्ली-एनसीआर: शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने और शाम या रात के समय 40-50 किमी/घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
    • राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी और उग्र मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

    मानसून की सुस्त रफ्तार और आगे बढ़ने के आसार

    IMD के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून के शुरुआती दो हफ्तों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के पास थोड़ी धीमी पड़ गई थी, जिसके कारण 4 जून से 18 जून के बीच देशभर में सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई। मध्य भारत में 67% और पूर्वोत्तर में 42% कम वर्षा हुई है।

    मौसम प्रणालियों के दोबारा सक्रिय होने से अब मानसून के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बाकी हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, और तटीय इलाकों (गोवा, कोंकण) में भी तेज हवाओं के साथ मानसून सक्रिय रहेगा।

    तटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को फिलहाल गहरे समुद्र में नहीं जाने की सख्त सलाह दी है। वातावरण में बदलाव के कारण कई राज्यों में तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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