प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने राजधानी ताशकंद में देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओलिय दरजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दोस्ती, सहयोग और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए दिया गया। इसके साथ ही पीएम मोदी को विदेशी देशों से मिले प्रमुख सम्मानों की संख्या 36 हो गई है।
36वां विदेशी सम्मान, बढ़ता भारत का कद
पीएम मोदी को अब तक 36 देशों ने अलग-अलग प्रतिष्ठित राजकीय या राष्ट्रीय सम्मान दिए हैं। इनमें सऊदी अरब का किंग अब्दुलअजीज सैश, रूस का ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू, अमेरिका का लीजन ऑफ मेरिट, यूएई का ऑर्डर ऑफ जायद, फ्रांस का ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर, भूटान का ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो, मिस्र का ऑर्डर ऑफ द नाइल और श्रीलंका का मित्र विभूषण प्रमुख हैं।
2025 में भी सम्मान की यह कड़ी जारी रही। मॉरीशस, श्रीलंका, साइप्रस, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, ब्राजील, नामीबिया, इथियोपिया और ओमान समेत कई देशों ने पीएम मोदी को अपने प्रतिष्ठित सम्मान दिए। 2026 में इजराइल, स्वीडन, नॉर्वे, स्लोवाकिया, सेशेल्स और इंडोनेशिया के बाद उज्बेकिस्तान इस सूची में जुड़ा है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में बड़ा बदलाव
ताशकंद में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी से ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश सहयोग के लिए ठोस लक्ष्य तय कर आगे बढ़ेंगे।
नई व्यवस्था के तहत विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद स्थापित करने और संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर का करने की घोषणा की गई। इसके अलावा दोनों देशों के कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला संयुक्त बिजनेस समिट आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।
यूरेनियम से न्यू ताशकंद-GIFT City तक सहयोग
दौरे के दौरान ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा बड़ा फैसला भी सामने आया। भारत और उज्बेकिस्तान यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए व्यवस्था स्थापित करेंगे। इससे भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान में विकसित हो रहे ‘न्यू ताशकंद’ और गुजरात के GIFT City का उदाहरण देते हुए शहरी विकास और तकनीकी अनुभव साझा करने पर जोर दिया। उज्बेकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आकर इन परियोजनाओं में इस्तेमाल तकनीक और कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा।
व्यापार ने भी पकड़ी रफ्तार
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने बताया कि पिछले साल भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से अधिक रहा। दोनों देशों के बीच संयुक्त उपक्रमों की संख्या भी हाल के वर्षों में सात गुना बढ़ी है। वहीं दोनों देशों के बीच हर सप्ताह 14 सीधी उड़ानें संचालित होने की जानकारी दी गई।
पीएम मोदी ने ताशकंद में विशेष योग कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जिसमें 52 उज्बेकिस्तानी योग साधकों ने भाग लिया। इस तरह मोदी का यह दौरा सम्मान, रणनीतिक सहयोग, ऊर्जा, कारोबार और सांस्कृतिक रिश्तों—हर मोर्चे पर भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला साबित हुआ।


