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    ईरान डील के लिए पाक जा सकते हैं ट्रंप, शरीफ-मुनीर की तारीफ, मोदी पर यह बोले

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा दांव खेलते हुए ‘मनरो सिद्धांत’ (Monroe Doctrine) के नए संस्करण और ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर चौंकाने वाले बयान दिए हैं। 17 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि वे ईरान के साथ युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के बेहद करीब हैं।

    ट्रंप ने पहली बार स्पष्ट किया कि यदि ईरान के साथ परमाणु और शांति समझौते पर सहमति बनती है, तो वे इसके हस्ताक्षर के लिए पाकिस्तान (इस्लामाबाद) जा सकते हैं।

    • पाकिस्तान की मध्यस्थता: ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में “अद्भुत कार्य” किया है।
    • ईरान का झुकाव: ट्रंप का दावा है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को सौंपने और परमाणु हथियार न बनाने की शर्तों पर लगभग सहमत हो गया है।
    • युद्धविराम: वर्तमान में जारी 14 दिनों का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिसे ट्रंप आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

    PM मोदी और भारत पर बयान

    ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी हालिया बातचीत का जिक्र करते हुए उन्हें अपना “शानदार दोस्त” बताया।

    • सकारात्मक संवाद: ट्रंप ने कहा, “मेरी पीएम मोदी से बहुत अच्छी बात हुई है, वह शानदार काम कर रहे हैं।”
    • भारत की चिंता: विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति अचानक बढ़ा झुकाव और वहां जाने की इच्छा भारत के लिए कूटनीतिक चिंता का विषय हो सकती है, हालांकि ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

    मनरो सिद्धांत (Monroe Doctrine) का नया अवतार

    ट्रंप ने अपनी विदेश नीति में ‘ट्रंप कोरोलरी’ (Trump Corollary) को शामिल किया है, जो 1823 के मनरो सिद्धांत का आधुनिक संस्करण है।

    • अमेरिकी प्रभुत्व: इसके तहत ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य पश्चिमी गोलार्ध (खासकर लैटिन अमेरिका) पर पूर्ण राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण स्थापित करना है।
    • हस्तक्षेप की नीति: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने और विदेशी शक्तियों (जैसे चीन या रूस) के प्रभाव को इस क्षेत्र से खत्म करने के लिए सैन्य तैनाती से पीछे नहीं हटेगा।

    डोनाल्ड ट्रंप का यह रुख “अमेरिका फर्स्ट” नीति के साथ-साथ ग्लोबल डीलर की उनकी छवि को पुख्ता करता है। जहाँ ईरान के साथ युद्ध खत्म होना दुनिया के लिए राहत की खबर है, वहीं पाकिस्तान की सरजमीं पर इस डील का होना दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

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