दिल्ली और हरियाणा में बड़े आतंकी हमले की एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित एक आतंकी मॉड्यूल के मंसूबों को नाकाम कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, इस साजिश का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना था।
साजिश के प्रमुख निशाने (Targets)
खुफिया जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा में कई संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी:
- प्रसिद्ध मंदिर: दिल्ली का एक व्यस्त मंदिर आतंकियों के निशाने पर था, जहाँ भारी भीड़ को निशाना बनाकर जान-माल के बड़े नुकसान की योजना थी।
- मिलिट्री कैंप: हरियाणा में स्थित एक सैन्य शिविर की भी रेकी की गई थी, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों के मनोबल को प्रभावित करना था।
- भीड़भाड़ वाले ढाबे: दिल्ली-हरियाणा हाईवे पर स्थित लोकप्रिय ढाबों को भी सॉफ्ट टारगेट के रूप में चुना गया था।
- पुलिस पिकेट: सुरक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए पुलिस कर्मियों पर हमले की भी साजिश रची गई थी।
ISI का ‘K-2’ मॉड्यूल और स्लीपर सेल्स
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस पूरी साजिश के पीछे ISI का K-2 (Kashmir-Khalistan) मॉड्यूल सक्रिय है।
- हथियारों की सप्लाई: सीमा पार से ड्रोन के जरिए आईईडी (IED), हैंड ग्रेनेड और आधुनिक हथियार पंजाब और राजस्थान के रास्तों से दिल्ली तक पहुँचाने की कोशिश की गई थी।
- लोकल रिक्रूटमेंट: इस मॉड्यूल ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रेडिकलाइज कर उन्हें ‘स्लीपर सेल’ के रूप में तैयार किया था।
सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन
घटनाक्रम के सामने आने के बाद दिल्ली और एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
- सुरक्षा में इजाफा: मंदिरों, बाजारों और सैन्य क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है।
- सर्च ऑपरेशन: स्पेशल सेल संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सावधानी की अपील: दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत ‘112’ नंबर पर दें।


