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    अंतरिक्ष में अगस्त का महीना होगा बेहद खास, सदी का सबसे लंबा ग्रहण कब? नोट कर लें तारीख

    Eclipses India: भारत में अगला सूर्य और चंद्र ग्रहण कब आएगा नजर, एक होगा सदी का सबसे लंबा

    अंतरिक्ष के शौकीनों के लिए अगस्त का महीना बेहद खास रहने वाला है। इस महीने में दो बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिनमें एक सूर्य ग्रहण और दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण शामिल है। हालांकि, भारत में रहने वाले लोगों के लिए एक मायूस करने वाली खबर है कि ये दोनों ही ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देंगे। आइए नवभारत टाइम्स की इस रिपोर्ट के आधार पर विस्तार से जानते हैं कि ये ग्रहण कब लगेंगे और भारत में अगला सूर्य व चंद्र ग्रहण कब और कैसे दिखाई देगा।

    अगस्त में लगने वाले ग्रहण (भारत में नहीं दिखेंगे)

    • सूर्य ग्रहण (12 अगस्त): अगस्त महीने की 12 तारीख को सूर्य ग्रहण लगेगा, लेकिन यह भारत में दृश्यमान नहीं होगा।
    • आंशिक चंद्र ग्रहण (27-28 अगस्त): यह एक दुर्लभ आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जो अगस्त के अंत में लगेगा, मगर इसे भी भारतीय उपमहाद्वीप से नहीं देखा जा सकेगा।

    भारत में अगला सूर्य ग्रहण: ‘सदी का सबसे लंबा ग्रहण’

    भारत में अगले सूर्य ग्रहण के लिए खगोल प्रेमियों को लगभग एक साल का इंतजार करना होगा।

    • तारीख: 2 अगस्त 2027
    • विशेषता: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के अनुसार, यह इस सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। इसकी कुल अवधि 6 मिनट 23 सेकंड होगी। पूरी सदी में इतनी लंबी अवधि का यह इकलौता सूर्य ग्रहण है।
    • भारत में कैसा दिखेगा: भारत में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में नहीं, बल्कि केवल एक आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse) के रूप में ही दिखाई देगा।
    • सबसे अच्छा नजारा कहां होगा: इस ऐतिहासिक पूर्ण सूर्य ग्रहण को पूरी भव्यता के साथ देखने के लिए मिस्र का ‘लक्सर’ शहर सबसे बेहतरीन स्थान होगा।

    भारत में अगला चंद्र ग्रहण कब और कैसा दिखेगा?

    भारत में अगला चंद्र ग्रहण देखने के लिए भी साल 2027 तक का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद के ग्रहणों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

    1. 20 फरवरी 2027 (उपच्छाया चंद्र ग्रहण): यह भारत में दिखने वाला अगला चंद्र ग्रहण होगा। हालांकि, यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) होगा। इसमें चंद्रमा का सिर्फ एक आंशिक हिस्सा ही पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरता है। यह इतना धुंधला होता है कि कई बार इसे सामान्य आंखों से पहचान पाना भी मुश्किल होता है।
    2. 6 जुलाई 2028 (आंशिक चंद्र ग्रहण): अगर आप एक बिल्कुल साफ और स्पष्ट चंद्र ग्रहण देखना चाहते हैं, तो आपको साल 2028 तक रुकना होगा। 6 जुलाई 2028 को लगने वाले आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) को भारत से बेहद आसानी और स्पष्टता से देखा जा सकेगा।

    सूर्य और चंद्र ग्रहण क्या हैं? (खगोलीय घटना)

    यह दोनों ही घटनाएं सौर मंडल में ग्रहों की परिक्रमा के कारण होती हैं:

    • सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा घूमते हुए पृथ्वी और सूर्य के बिल्कुल बीच में आ जाता है, तो वह सूर्य की रोशनी को रोक लेता है। इस दौरान सूर्य का बाहरी हिस्सा (कोरोना) चंद्रमा के पीछे छिप जाता है और दिन में भी अंधेरा छा जाता है।
    • चंद्र ग्रहण: इस स्थिति में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, जिससे पृथ्वी की परछाई सीधे चंद्रमा पर पड़ती है और वह गहरे रंग का दिखाई देने लगता है।
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