टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलियाई टीम का बाहर होना क्रिकेट जगत के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। 2021 की चैंपियन टीम का सफर ग्रुप चरण में ही थम गया, जो टूर्नामेंट के 19 सालों के इतिहास में दूसरी बार (पहली बार 2009 में) हुआ है।
ग्रुप B में जिम्बाब्वे और आयरलैंड का मैच बारिश के कारण रद्द होने से जिम्बाब्वे को 1 अंक मिला, जिसने ऑस्ट्रेलिया के सुपर-8 में जाने के सभी दरवाजों पर ताला लगा दिया।
ऑस्ट्रेलिया के खराब प्रदर्शन के मुख्य कारण
कंगारू टीम के इस लचर प्रदर्शन के पीछे कई तकनीकी और रणनीतिक कारण रहे:
- प्रमुख गेंदबाजों की चोट: टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही ऑस्ट्रेलिया के मुख्य तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड चोट के कारण बाहर हो गए। मिचेल स्टार्क के संन्यास के बाद, टीम के पास अनुभव की कमी साफ दिखी।
- मिचेल मार्श की अनुपस्थिति: नियमित कप्तान मिचेल मार्श चोट के कारण शुरुआती दो महत्वपूर्ण मैचों में नहीं खेल सके। उनकी गैरमौजूदगी में ट्रेविस हेड ने कप्तानी संभाली, लेकिन टीम में वह संतुलन नहीं दिखा।
- जिम्बाब्वे से मिली हार: ऑस्ट्रेलिया की विदाई की पटकथा तब लिखी गई जब उन्हें जिम्बाब्वे ने 23 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस हार ने टीम के आत्मविश्वास को हिला दिया और नेट रन रेट पर भी बुरा असर डाला।
- धीमी पिचों पर संघर्ष: श्रीलंका की स्पिन-फ्रेंडली और धीमी पिचों पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। सह-मेजबान श्रीलंका के खिलाफ मिली 8 विकेट की करारी हार ने यह साबित कर दिया कि टीम उपमहाद्वीप की परिस्थितियों के लिए तैयार नहीं थी।
- चयन पर सवाल: स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी खिलाड़ी को टीम से बाहर रखना और युवा खिलाड़ियों पर अत्यधिक निर्भरता भी हार का कारण मानी जा रही है। इयान हीली जैसे पूर्व दिग्गजों ने टीम चयन और खराब प्लानिंग की कड़ी आलोचना की है।
वर्तमान स्थिति: ग्रुप B से श्रीलंका और जिम्बाब्वे ने सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। ऑस्ट्रेलिया अब अपना आखिरी औपचारिक मैच ओमान के खिलाफ खेलेगा, लेकिन उसका परिणाम अब टूर्नामेंट के समीकरण को नहीं बदलेगा।


